भुवनेश्वर, 17 फरवरी 2026। बिरला ग्लोबल यूनिवर्सिटी (बीजीयू) में “एआई-संचालित पीपल स्ट्रेटेजी: तकनीक और संवेदनशीलता के बीच संतुलन” विषय पर एक विशेष एचआर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उद्योग और शिक्षाजगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लेकर यह चर्चा की कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) किस प्रकार मानव संसाधन प्रबंधन में मानवीय संवेदनाओं को सशक्त बना सकता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य एचआर में एआई के बढ़ते उपयोग के बीच मानवीय स्पर्श को बनाए रखने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था। वक्ताओं ने बताया कि प्रतिभा प्रबंधन, नेतृत्व शैली और संगठनात्मक संस्कृति को एआई के माध्यम से नई दिशा दी जा सकती है, बशर्ते तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और संतुलन के साथ किया जाए। भर्ती प्रक्रिया, अधिगम एवं विकास, प्रदर्शन मूल्यांकन और कर्मचारी अनुभव जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक प्रयोगों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही, एआई अपनाने से जुड़े नैतिक, कानूनी और भावनात्मक पहलुओं पर भी विचार किया गया।
कॉन्क्लेव में उद्घाटन सत्र, दो पैनल चर्चा और समापन सत्र आयोजित किए गए। प्रमुख उप-विषयों में ‘टैलेंट मैनेजमेंट में मानव-केंद्रित एआई’ तथा ‘एआई-आधारित कार्यस्थल में सहानुभूति, कल्याण और मनोवैज्ञानिक अनुबंध’ शामिल रहे।
कार्यक्रम में सत्यनारायण विनजमूरी, पूर्व उपाध्यक्ष (एचआर एवं संचालन), एडीपी प्राइवेट लिमिटेड; ऋचा मेहरोत्रा, निदेशक–स्टाफिंग, अल्वारेज़ एंड मार्सल; स्वेताली पटनायक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसएइंटेलेक्ट सॉल्यूशंस; आर्य वेदब्रत, संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बाइटआईक्यू एनालिटिक्स; हेमंत रथ, प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं डिस्टिंग्विश्ड इंजीनियर, टीसीएस; तथा सिखा नंदा, एचआर प्रमुख, इंटेग्रिऑन की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता ऋचा मेहरोत्रा ने कहा कि एआई-संचालित टैलेंट अधिग्रहण और वर्कफोर्स एनालिटिक्स में एल्गोरिदमिक पक्षपात और भरोसे की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए ‘ह्यूमन-इन-द-लूप’ दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य अतिथि सत्यनारायण विनजमूरी ने कहा कि एआई का विकास दशकों में हुआ है और इसकी वर्तमान व्यापकता जिम्मेदार उपयोग की मांग करती है। तकनीक को मानव निर्णय का पूरक बनाना ही आधुनिक एचआर नेतृत्व की आवश्यकता है।
इस कॉन्क्लेव के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि एआई किस प्रकार भविष्य के करियर, कौशल और पीपल मैनेजमेंट की दिशा तय कर रहा है। विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद से विद्यार्थियों को एआई-आधारित एचआर उपकरणों, एचआर एनालिटिक्स में उभरते अवसरों और नैतिक निर्णय-निर्माण की चुनौतियों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
कार्यक्रम ने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सार्थक संवाद को बढ़ावा देते हुए यह संदेश दिया कि तकनीकी प्रगति के साथ सहानुभूति, निष्पक्षता और मानवीय मूल्यों को बनाए रखना ही सच्ची प्रगति है।
