– अनमोल कुमार
नई दिल्ली।12 वीं शताब्दी ने किसी कुतुबुद्दीन ए व क द्वारा नहीं बनवाया गया था l इसे 4 वी शताब्दी में बनाया गया था जिसे उस समय ध्रुव स्तंभ के रूप में जाना जाता था ।ध्रुव स्तंभ का निर्माण राजा विक्रमादित्य के शासनकाल में किया गया था जो एक भारतीय चक्रवर्ती सम्राट थे जो दुनिया के 3/4 इसे पर राज करता था ।

ध्रुव स्तंभ जिसे क़ुतुब मीनार के रूप में जाना जाता है मुस्लिम शासकों द्वारा भारतीय इतिहास को नष्ट करने के लिए किया गया था इसके अलावा और कुछ भी नहीं है । क़ुतुब मीनार एक ध्रुव स्तंभ है जो एक प्राचीन आर्य खगोलीय वेधशाला का केंद्रीय अवलोकन करने वाला टावर था ।इस पर 24 पंखुड़ियों वाला कमल का फूल अंकित है जो प्रत्येक एक घंटा का प्रतिनिधित्व करता है । भारतीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार मे इसका अभिलेख मौजूद है जो संवाद के साथ संलग्न है ।