नई दिल्ली,(दिनेश शर्मा”अधिकारी”)। सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बड़े फैसले के बाद अब किसान आंदोलन की तरफ से भी बड़ा फैसला हुआ है। दरअसल, शीतकालीन सत्र शुरू होने के साथ किसान आंदोलन की तरफ से संसद तक जो ट्रैक्टर रैली निकाली जानी थी। उसे अब स्थगित कर दिया गया है। किसान आंदोलन की तरफ से इसकी जानकारी दी गई। किसान आंदोलन की तरफ से कहा गया कि एक बड़ी बैठक कर यह निर्णय लिया गया है कि संसद तक जो ट्रैक्टर रैली निकाली जानी है, उसे स्थगित कर दिया जाए। अब चार दिसम्बर को फिर से बैठक होगी। तब जो भी फैसला लिया जायेगा। उसे सरकार भी जानेगी और बाकि सब लोग भी। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार ने अभी तक किसानों की मौत, लखीमपुर खीरी की घटना, MSP और दर्ज मुकदमों पर कोई जवाब नहीं दिया है। इसके साथ ही हमारी प्राथमिकता है कि MSP पर कानून बने, इसलिए हम सरकार से कहना चाहते हैं कि MSP पर कानून बनाकर दे।टिकैट ने कहा कि सरकार इस पर जितना जल्दी फैसला ले उतना अच्छा है नहीं तो आंदोलन बदस्तूर जारी रहेगा। इधर, दिल्ली में किसान नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बीजेपी शासित राज्यों और रेलवे को निर्देश दें कि विरोध के दौरान के मुकदमे वापस लिए जाएं । दरअसल, केंद्र ने किसानों पर दर्ज मुकदमों को राज्य का विषय बताया था।
किसानो का बड़ा फैसला 4 को

