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नवरात्रि का विशेष महत्व है – स्वामी अंश चैतन्य जी महाराज

रिपोर्ट – अनमोल कुमार

आज के नवरात्रों में सच्चे हृदय से माता का व्रत रखें किसी भी अपनी दृष्टि मन वाचा कर्मणा यह तीन प्रकार के दोष है यह विचार में ना आए एवं माता के निस्वार्थ भाव से साधना अनुष्ठान करें गरीबों को भोजन कराएं और जो है उसके साथ साथ में अपने घर में लौंग कपूर इत्यादि से छोटा सा ही सूक्ष्म हवन कर लिया जाए वह भी उचित है बड़े ही हवन की व्यवस्था करने के लिए बहुत सामान चाहिए होता है लेकिन कपूर के चारों तरफ रखें माता को भोग दिया जाता है तो यह भी एक। बाकी तो सब अपनी माता रानी को और माता के नवरात्रों के व्रत में कुंवारी कन्या के लिए जरूर कुछ ना कुछ दान दें कुछ वस्त्र वगैरह फल वगैरा मिशन वगैरह दिए जाएं इससे भी तुम्हारी जो है व्रत में कई गुना अधिक फल मिलेगा जो कि कन्या पूजन नहीं वह कुंवारी पूजन है और कुंवारी पूजन जो है मां कामाख्या का होता है इसलिए मां कामाख्या को प्रसन्न करने के लिए कुंवारी कन्याओं को जितना भी यहां वस्त्र फल मिठाई वितरित करेंगे उतनी लाभ होगा।

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