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पर्यटन विभाग की लापरवाही के चलते पुष्कर के अंदर करोड़ों रुपए की लागत से बनी आरटीडीसी हट्स और आरटीडीसी रिसोर्ट हुआ खंडहर में तब्दील

रिपोर्ट – अनिल सरअजमेर / पुष्कर ।तीर्थ नगरी पुष्कर में पर्यटन विभाग की तरफ से यात्रियों की सुविधाओ के लिए पर्यटन विभाग की तरफ से आरटीडीसी सरोवर होटल आरटीडीसी हट्स ओर आरटीडीसी रॉयल रिसोर्ट का निर्माण किया गया हालांकि आरटीडीसी सरोवर होटल जैसे-तैसे चल रही है बीच में इसे भी पर्यटन विभाग ने बंद करने की तैयारी कर ली थी और काफी संख्या में यहां से कर्मचारी हटा दिए तथा इसे निजी ठेके में देने की योजना बनाई लेकिन बाद में विरोध के चलते यह होटल तो बंद नहीं हुआ लेकिन करोड़ों रुपए की लागत से बनी मेला ग्राउंड के पास गनाहेड़ा तिराये पर आरटीडीसी हट्स और मोतीसर रोड पर चोपन बीघा जमीन पर बनी आलीशान रॉयल रिसोर्ट को बंद कर दिया गया।जबकि आरटीडीसी हट्स यात्रियों की पहली पसंद थी पुष्कर के मुख्य होटलों में से इसे माना जाता था यहां पर काफी संख्या में यात्री रुकते थे और शादी समारोह भी होते थे लेकिन आरटीडीसी हटस के बीच में से रेलवे लाइन निकल जाने के कारण इसे बंद कर दिया गया करीबन 10 वर्षों से बंद पड़ी यह आरटीडीसी हट्स अब खंडहर में तब्दील हो गई है वहीं दूसरी तरफ सन 2009 में पर्यटन विभाग ने मोतीसर रोड़ पर भी आलीशान सभी सुविधा युक्त 54 बीघा जमीन में करोड़ों रुपए की लागत से रॉयल रिसोर्ट का भी निर्माण किया लेकिन उसको भी मात्र 1 वर्ष बाद 25 अक्टूबर 2010 को बंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रॉयल रिसोर्ट काफी आलीशान रिसोर्ट था और काफी संख्या में यात्री आते थे। दो मुख्य दरवाजे बढ़िया बगीचा और शानदार लाइटें पार्किंग व्यवस्था खेल का मैदान स्वीमिंग पुल इसके अलावा शादी समारोह स्थल के लिए बहुत ही अच्छा स्थान है लेकिन इसे भी पर्यटन विभाग ने बंद कर दिया और यह भी 10 वर्षों में खंडहर हो गया रॉयल रिसोर्ट के सभी कमरों के दरवाजे तोड़ दिए गए पेड़ पौधे सूख गए लोगों ने लाइटें तोड़ दी दीवारें टूट गई जिसके चलते अब यह भी खंडर में तब्दील हो रखा है हालांकि आरटीडीसी हट्स ओर रॉयल रिसोर्ट में पर्यटन विभाग ने एक एक आदमी चौकीदारी के लिए नियुक्त कर रखा है लेकिन यह काफी बड़े होने के कारण चौकीदार इनकी सही ढंग से चौकीदारी नहीं कर पाने के कारण असामाजिक तत्वों ने दोनों को ही काफी नुकसान पहुंचा कर खंडहर में तब्दील कर दिया अगर पर्यटन विभाग दोनों को ठेके में दे देता तो लाखों रुपए की आमदनी होती लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि करोड़ों रुपए की लागत से बने आरटीडीसी हट्स और रॉयल रिसोर्ट दोनों ही पर्यटन विभाग की लापरवाही व अनदेखी के चलते खण्डरों तब्दील हो रखे है ।

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