

अजमेर। पेपर लीक मामले की पड़ताल में जुटी ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम बुधवार को घूघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल पहुंची। टीम ने करीब 8 घंटे तक पेपर लीक मामले के सरगना भूपेन्द्र सारण, शेरसिंह मीणा से पूछताछ की। इस कार्रवाई को आरपीएससी के गिरफ्तार सदस्य बाबूलाल कटारा से जोड़कर देखा जा रहा है।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने शेरसिंह मीणा व भूपेन्द्र सारण से पूछताछ की। शेरसिंह ने मोबाइल से फोटो खींचकर भूपेन्द्र सारण व अन्य को भेजे थे। जिसकी जांच एसओजी कर रही है। ईडी पूर्व में भी शेर सिंह और भूपेन्द्र सारण से पूछताछ कर चुकी है।
-बड़ी रकम की हुई थी डील
शेर सिंह मीणा और भूपेन्द्र सारण ने अभ्यर्थियों को 5 से 15 लाख रुपए में सैकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर बेचा था। इस मामले में ईडी बाबूलाल कटारा, शेरसिंह व भूपेन्द्र सहित अन्य लोगों की हवाला के जरिये पैसे के लेनदेन की जांच कर रही है।
-अभी तक यह कार्रवाई
पेपर लीक मामले में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटाया न्यायिक अभिरक्षा में हैं। ईडी ने पूर्व में भी बाबूलाल कटारा के साथ सरगना शेरसिंह, भूपेन्द्र से पूछताछ कर चुकी है। इनके अलावा राजीव उपाध्याय, रामगोपाल मीणा, सुरेश विश्नोई, घिमनाराम खिलेरी, अनिता मीणा, कटारा के बेटे दीपेश कटारा, गोपालसिंह, गौतम व विजय डामोर के बयान दर्ज किए थे। ईडी को आरोपियों के बयानों से पेपर लीक के मामले में मनी लान्ड्रिंग के तथ्य सामने आए थे। ईडी की टीम बुधवार को अनुसंधान के संबंध में आई थी। यहां रखे गए बंदी से पूछताछ की थी। पारस जांगिड़, अधीक्षक, हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर.
