राजस्थान कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री
जयपुर, 18 दिसम्बर। कला साहित्य और संस्कृति मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की परवरिश में उनको अच्छी शिक्षा दिलाने के साथ ही संस्कारवान बनाने में स्वयं पूरी मेहनत करे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालक-बालिका जन्म से ही आशु वैज्ञानिक, आशु कवि और आशु लेखक होता है, उनमें निहित इन जन्मजात गुणों को विकसित करते हुए सुयोग्य नागरिक बनाने की जिम्मेदारी अभिभावकों की है।
कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि आज के दौर में मोबाईल और इंटरनेट के प्रयोग से बच्चे राह से भटक रहे है। मोबाईल बहुत खतरनाक है, इसके कारण बच्चे संस्कारों से दूर होते जा रहे है। अभिभावकों का चाहिए कि बच्चों को मोबाईल से दूर रखे और उन्हें अच्छी पुस्तकों की संगत करने के लिए प्रेरित करे।

