-185 से अधिक मशीनें और 2100 से अधिक वाहन जब्त

जयपुर । राजस्थान में अवैध खनन में लिप्त 141 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, 185 से अधिक मशीनें और 2100 से अधिक वाहन जब्त किये गए । माइंस एवं पुलिस विभाग द्वारा परस्पर समन्वय से प्रदेशभर में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ कार्यवाही जारी है। बाड़मेर, पाली, जोधपुर, भीलवाड़ा व टोंक में विशेष् रूप से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं पीएचईडी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश पर अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ 11 जुलाई से चलाए जा रहे संयुक्त अभियान में विभाग ने कार्यवाही की रणनीति बदलते हुए बड़ी मशीनों की जब्ती और अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई से अब तक प्रदेश में करीब 100 एचईएमएम मशीनों सहित 185 से अधिक मशीनरी जब्त की जा चुकी हैं खनिजों के अवैध परिवहन में लिप्त 2100 से अधिक वाहनों को जब्त किया जा चुका है। प्रदेश में इस अवधि में 360 से अधिक एफआईआर व 141 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसीएस डॉ. अग्रवाल ने बताया कि 10 जुलाई को आयोजित स्टोनमार्ट के अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही की चर्चा करते हुए जीरो टोलरेंस की बात कही थी। अगले दिन से ही विभाग ने अवैध खनन गतिविधियों के विरूद्ध कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देने की साथ ही प्रदेशभर में बड़ी कार्यवाहियां की है। उन्होंने बताया कि खनन गतिविधियों में लिप्त बड़ी मशीनरी की जब्ती से विभाग सख्त संदेश देना चाहता है ताकि अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में भय व्याप्त हो सके।
निदेशक माइंस संदेश नायक द्वारा मुख्यालय स्तर पर मॉनिटरिंग व्यवस्था को और अधिक सख्त किया गया है जिससे अवैध गतिविधियों पर कार्यवाही और मुख्यालय स्तर से समय पर निर्देश मिलने लगे हैं। उन्होंने बताया कि मशीनरी की जब्ती के साथ ही रास्तों में अवरोध भी किए जा रहे हैं ताकि अवैध खनन को निरूत्साहित किया जा सके। उल्लेखनीय है कि जुलाई से जारी अभियान के तहत अब तक खान व पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में 18 करोड़ रूपये से अधिक की वसूली, 141 लोगों की गिरफ्तारी, 360 एफआईआर व 2500 से अधिक कार्यवाही की जा चुकी है।