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वर्ष 2023 की “ प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत “ 11 फरवरी को आयोजित


-प्री-लिटिगेशन श्रेणी में प्री-काउंसलिंग कैम्प 16.जनवरी से शुरू

झुंझनू (दिनेश शर्मा”अधिकारी “)। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार झुंझुनूं न्यायक्षेत्र में वर्ष 2023 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत 11 फरवरी को आयोजित होगी।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए ऑनलाईन व ऑफलाईन दोनो माध्यमों से किया जावेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं की सचिव श्रीमती दीक्षा सूद ने बताया कि झुंझुनूं न्यायक्षेत्र में राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों की बैंचों का गठन किया जायेगा जो प्रकरणों को सुनकर फैसले करेंगी। लोक अदालत को सफल बनाने हेतु न्यायालयों से अधिक से अधिक प्रकरण रैफर करने व निस्तारण करने हेतु आह्वान किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रि-लिटिगेशन में एन.आई. एक्ट के प्रकरण, धन वसूली के प्रकरण, श्रम विवाद एवं नियोजन संबंधी विवादों के प्रकरण, बिजली, पानी व अन्य भुगतान से संबंधित प्रकरण, भरण-पोषण से संबंधित प्रकरण इसके अतिरिक्त न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में दाण्डिक शमनीय प्रकरण, एन.आई. एक्ट के प्रकरण, धन वसूली के प्रकरण, एम.ए.सी.टी. के प्रकरण, श्रम एवं नियोजन संबंधी विवादों के प्रकरण, बिजली, पानी एवं अन्य बिल भुगतान से संबंधित प्रकरण, वैवाहिक विवाद(तलाक के मामलों को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रकरण, तथा अन्य सिविल प्रकरणों को राजीनामे से निस्तारण हेतु पेश किया जा सकेगा। चिन्हित प्रकरणों में लोक अदालत से पूर्व प्री-काउंसलिंग भी करवाई जाएगी। बैंकों एवं वित्तीय संस्थान के धन वसूली के लम्बित सिविल मामलों (सिविल वाद, इजराय, आर्बिट्रेशन अवार्ड की इजराय) एवं धारा 138 एन.आई. एक्ट के फौजदारी मामलों (केवल रूपये 10.00 लाख तक की राशि के मामले) के साथ-साथ इसी प्रकृति के प्री-लिटिगेशन श्रेणी के मामलों के लिए प्री-काउंसलिंग कैम्प का आयोजन दिनांक 16.जनवरी से 21. जनवरी के मध्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं में किया जाएगा एवं 23. से 27. जनवरी के मध्य तथा 30 और 31.जनवरी को तालुका मुख्यालय पर तालुका विधिक सेवा समिति में किया जायेगा। इसके अतिरिक्त राजीनामा योग्य दीवानी, राजस्व, फौजदारी मामलों एवं धारा 138 एन.आई. एक्ट के निजी पक्षकारान् के मध्य लंबित मामलों तथा सभी प्रकार के प्री-लिटिगेशन मामलों (बैंक एवं वित्तीय संस्थान के मामलों के अलावा) में डोर-स्टेप काउंसलिंग कैम्प का आयोजन प्रत्येक पंचायत समिति मुख्यालय पर दिनांक 22. एवं 29. जनवरी को व प्रत्येक पंचायत मुख्यालय, तहसील या उप-तहसील मुख्यालय पर, 28. जनवरी एवं 05. फरवरी को किया जायेगा। इसके अलावा डोर-स्टेप काउंसलिंग कैम्प आयोजन के दौरान मैगा विधिक जागरूकता/चेतना शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें जिला प्रशासन के समस्त विभागों द्वारा अपने अपने विभागों में संचालित योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की जावेगी तथा मौके पर ही लोगों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जावेगा। श्रीमती सूद ने बताया कि बैंक व वित्तीय संस्थाएं ऐसे प्रकरणों प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज करावाना चाहते हैं, तो उनकी सूची समय रहते जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या तालुका स्तर पर विधिक सेवा समितियों में प्रस्तुत कर सकेंगे, जिससे नोटिस जारी कर अविलम्ब निस्तारण के लिए प्रभावी कार्रवाई हो सके। अगर लोक अदालत में प्रकरण निस्तारित हो जाता है तो प्रकरण का अंतिम रूप से निस्तारण हो जायेगा तथा न्यायालय में जमा करवायी गयी फीस भी वापिस मिलेगी। श्रीमती सूद ने कहा कि सभी से अपील की जाती है कि जिनके भी प्रकरण उक्त विषयों से संबंधित लंबित है तो वे लोक अदालत की भावना से उक्त प्रकरण में समझाईश के माध्यम से निस्तारित करवा सकते है ताकि न्यायालयों में चलने वाली कार्यवाहियों से बचा जा सके।

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