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अनुकरणीय :मानवसेवा की प्रतिमूर्ति हैं शत्रुधन प्रसाद चौधरी

-समाज के लिए समर्पित व्यक्तित्व

बिहार(सुपौल)ओम एक्सप्रेस ब्यूरों-विश्वव्यापी महामारी कोरोना संक्रमण (कोविड-19) से जब दुनिया के तमाम देश पस्त नजर आ रहे हैं, तब भी भारत की जीवटता न सिर्फ कोरोना को मात देने में कामयाब होती दिख रही है, बल्कि लॉकडाउन की मुश्किलों को भी आसान बनाने में सफल है। लॉकडाउन के दौरान कोई बिना भोजन के न रहे, खाली पेट न सोये कुछ लोगों के लिए निज हित नहीं, समाज हित सर्वोपरि होता है। ऐसे व्यक्ति समाज के लिए जीते और मरते हैं। व्यक्तिगत स्वार्थ से परे हटकर पीड़ित मानवता की सेवा में अपने जीवन की आहुति दे देते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत हैं जिले के त्रिवेणीगंज बाजार क्षेत्र के वंशी चौक निवासी लोकप्रिय सामाजिक कार्यकर्ता शत्रुधन प्रसाद चौधरी जो कि किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। बचपन से ही शालीन और मृदुभाषी मिलनसार प्रवृत्ति के हैं।

स्थानीय लोगों के सुख दुख मे शामिल होना उनकी आदतों में शुमार है।अपने पारिवारिक दायित्वो को बखूबी निभाते हुए सामाजिक गतिविधियों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेते हैं।कोरोना के करुणामयी काल में समाजसेवा के कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने अगेंस्ट कोरोना टीम का गठन किया है।बर्षों से कांग्रेस पार्टी से भी जुड़े हैं।उन्होंने अपने कुछ सहयोगियों के साथ प्रखण्ड क्षेत्र ग्रामीण बस्तियों में गरीब व हाशिए पर रहने को विवश लोगों की सहायता राहत सामग्री देकर की जाती है।जिस कारण गरीब बस्तियों में रहनेवाले लोग उन्हें अपना मसीहा मानते हैं। झुग्गी झोपड़ी में बुनियादी सुविधाओं से वंचित लोगों को हरसंभव मदद करना, उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रति उनकी सक्रियता की वजह से लोग उन्हें श्रद्धा और सम्मान देते हैं।यही नहीं, वह पीड़ित मानवता की सेवा के प्रति भी समर्पित रहते हैं। वह बताते हैं कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म है। गरीबों की सेवा से सुखद अनुभूति मिलती है। श्री चौधरी कहते हैं कि अपने जीवन को धन्य बनाना है तो मानवसेवा को अपना मिशन बनाएं। जीवन सार्थक होगा।

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