झुंझुनू ,(दिनेश शर्मा “अधिकारी “)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) स्कीम्स के तहत राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के निर्देशन में एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं स्कीम, कोविड़ वैक्सीनेषन व बाल विवाह रोकथाम जैसे समाज के महत्वपूर्ण विषयों पर ऑनलाईन जागरूकता कार्यक्रम झुंझुनू जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष के निर्देशन में जिले से लेकर तालुका एवं पंचायत स्तर तक चलाए गए।

प्राधिकरण सचिव न्यायधीश श्रीमती दीक्षा सूद ने बताया कि रालसा के निर्देशन में वर्तमान में वैश्विक महामारी कॉविड-19 के संक्रमण के कारण जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रचार-प्रसार डिजिटल माध्यमों का प्रयोग किया जा रहा है। इस महामारी में आमजन को जागरूक करने के लिए प्राधिकरण द्वारा ऑनलाईन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन पैनल अधिवक्ता कृष्ण कुमार द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्राधिकरण सचिव श्रीमती सूद ने बताया कि वर्तमान में कॉविड-19 महामारी के कारण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन वृहद् स्तर पर किया जाना संभव न होने से राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार डिजिटल माध्यम से लघु स्तर पर आयोजित किए जा रहे है। उक्त जागरूकता कार्यक्रम में एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवा योजना की जानकारी प्रदान करते हुए अधिवक्ता श्री कृष्ण कुमार वर्मा ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देष्य एसिड हमलों के पीड़ितों को राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुका स्तरो पर क्षतिपूर्ति हेतु विभिन्न मौजूदा विधिक प्रावधानों एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कराने के लिए विधिक सहायता एवं उचित प्रतिनिधित्व प्रदान करना, एसिड़ हमलों के पीड़ितों को चिकित्स सुविधाएं एवं पुनर्वास सुविधाएं प्राप्त करने में सक्षम बनाना, एसिड़ हमलों के पीड़ितों हकदारियों के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरणें, तालुका विधिक सेवा समितियों, पैनल अधिवक्तागण के माध्यमों से जागरूकता पैदा करके उन्हें प्रतितोष दिलाना और पीड़ितों को नालसा द्वारा दिए जाने वाले प्रतिलाभो का प्रचार प्रसार कर उनके लिए प्रषिक्षण, प्रबोधन और संवेदीकरण कार्यक्रमों का आयोजन करके उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का है । इस कार्यक्रम में सभी स्तरों के पैनल वकीलों, पैरा लीगल वॉलेंटीयरों, विधिक सेवा क्लिनिकों के स्वयंसेवकों, सरकारी अधिकारियों, जिन्हें विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन का कार्य सौंपा गया है। सेवा प्रदाताओं, पुलिस कार्मिकों, गैर-सरकारी संगठनों की क्षमताओं में वृद्धि करना और अंतरालों, आवष्यकताओं का पता लगाने के लिए उपयुक्त प्राधिकारियों को सुझाव देने हेतु विभिन्न योजनाओं, कानूनों आदि का अध्ययन करने के लिए शोध एवं प्रलेखन संचालित करना। उक्त कार्यक्रम में ऑनलाईन माध्यम से बाल विवाह रोकथाम अभियान, रालसा द्वारा जारी कोविड़19 रोकथाम टीकाकरण अभियान एवं नालसा द्वारा जारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।

प्राधिकरण, झुंझुनूं सचिव श्रीमती सूद ने बताया कि कोविड-19 महामारी के तहत बचाव एव टीकाकरण से संबंधित रालसा द्वारा जारी पम्पलेटस को आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर, झुंझुनूं के विभिन्न राजकीय कार्यालयों में आज चस्पा करवाये गये जिससे आम नागरिकों को भी टीकाकरण के संबंध में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकें। इस संबंध में पीएलवी, पैनल अधिवक्तागण व लीगल लिट्रेसी क्लब के इंचार्जों को भी कोविड़-19 से स्वयं बचाव रखते हुए ऑनलाईन व ऑफलाईन कार्यक्रम आयोजित करने हेतु श्रीमती दीक्षा सूद द्वारा निर्देषित किया गया।