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अब नहीं मिलेगा मुफ्त में सरकारी अनाज, खाद्य सचिव ने बताई ये वजह

नई दिल्ली।2020 से शुरू होकर, केंद्र ने गरीब समर्थक पीएम गरीब कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत कवर किए गए सभी लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की थी।
सरकार का प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत मुफ्त राशन वितरण को 30 नवंबर से आगे बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार और ओएमएसएस नीति के तहत खुले बाजार में खाद्यान्न की अच्छी बिक्री को देखते हुए पीएमजीकेएवाई के जरिये मुफ्त राशन वितरण को नवंबर से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 30 नवंबर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत राशन के मुफ्त वितरण को खत्म करने का ऐलान किया है। यह योजना- कोविड महामारी की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर शुरू की गई थी, जिसके मुताबिक, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कवर किए गए अधिकतम 81.35 करोड़ लाभार्थियों के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न (गेहूं या चावल) मुफ्त वितरण की परिकल्पना की गई है।
– क्या थी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
2020 से शुरू होकर, केंद्र ने गरीब समर्थक पीएम गरीब कल्याण पैकेज के हिस्से के रूप में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत कवर किए गए सभी लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की थी. इसने पहले दावा किया था कि लगभग 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को आठ महीने (अप्रैल-नवंबर 2020) की अवधि के लिए अतिरिक्त 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त में आवंटित किया गया था, जिससे गरीबों/कमजोर लाभार्थियों/परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. देश में कोविड -19 के प्रकोप के कारण इस योजना को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया था.

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