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अभियांत्रिकी महाविद्यालय कौशल बने विकास के केंद्र, विद्यार्थियों की बढ़ी है साख – प्रो. एसके सिंह, कुलपति



-राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एसके सिंह ने किया राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय,भरतपुर का दौरा

-कुलपति ने ली समीक्षा बैठक और महाविद्यालय के शिक्षकों से की मुलाकात, अभियांत्रिकी शिक्षा के उन्नयन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर किया शिक्षकों से विचार विमर्श

कोटा/भरतपुर, राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय, भरतपुर का कुलपति प्रोफेसर एसके सिंह ने दौरा किया और प्राचार्य व शिक्षक के साथ समीक्षा बैठक ली। स. जनसंपर्क अधिकारी, आरटीयू विक्रम राठौड़ ने बताया कि प्राचार्य डॉ रवि गुप्ता द्वारा कुलपति का स्वागत किया गया। इस अवसर पर कुलपति द्वारा अभियांत्रिकी महाविद्यालय का निरीक्षण किया गया और इंजीनियरिंग कोर्सेस और उनसे जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की गई।

प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने महाविद्यालय की विभिन्न वर्तमान प्रगति कार्यवाही और गतिविधियों से कुलपति को अवगत कराया। कुलपति प्रो. सिंह ने महाविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर विभिन्न अकादमिक मुद्दों पर विचार विमर्श किया और दिशा निर्देश प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय के नवाचार एवं विभिन्न गतिविधियों एवं कार्मिकों की सराहना की और उन्हें प्रेरित कर कि वे टीम भावना के साथ कार्य करने का संदेश दिया कि निरंतर इसी प्रकार समर्पण के साथ तकनीकी शिक्षा के में अपना योगदान सुनिश्चित करें। प्राचार्य डॉ गुप्ता ने कहा की राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय,भरतपुर अकादमिक उत्कृष्टता के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है। हम शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, बेहतरीन अनुसंधान के सुद्दढ़ीकरण के प्रयासो हेतु प्रतिबद्ध हैं। साथ ही कुलपति ने इंजीनियरिंग शिक्षा में अर्जित की गई उपलब्धियों, प्लेसमेंट, उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम, तकनीकी शिक्षा में किये गए नवाचार, विभिन्न अकादमिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों, विश्विद्यालय की योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन, विद्यार्थियों के कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त की।

कुलपति प्रो. सिंह ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के न केवल प्रदेश में बल्कि देश भर के अग्रणी तकनीकी संस्थाओं में अपना स्थान बनाएगा। उच्च, तकनीकी, कौशल और प्रबंधन शिक्षा को विकसित करते हुए प्रदेश के युवाओं को सक्षम बनाने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय दुवारा संचालित इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के माध्यम से असंख्य युवा जनहितकारी शैक्षिक नीतियों का लाभ उठा रहे हैं, जिससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल विकसित हुआ हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि समय की मांग के अनुरूप तकनीकी पाठ्यक्रमो का स्तर निर्धारित करना आवश्यक हैं ताकि से पासआउट होने वाले विधार्थियों को अधिक से अधिक अच्छे और शीघ्र रोजगार के श्रेष्ठतम अवसर उपलब्ध हो सके। प्रो. सिंह ने महाविद्यालय प्रशासन को शुभकामनाए प्रदान की और महाविद्यालय प्रशासन द्वारा उनके आगमन हेतु आभार प्रकट किया गया।

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