जो पत्रकार मिड डे मील स्कीम में गड़बड़झाला की खबर करता है, उसके खिलाफ एफ आई आर दर्ज कर दिया जाता है। पत्रकारों की नौकरियां भारतीय जनता पार्टी के कहने पर चली जाती हैं। आपके सामने ऐसी ढेरों में मिसाले हैं और यही नहीं अर्णब गोस्वामी ने खुद रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एक बहुत ही घिनौना और झूठा अभियान चलाया था। आज रिया चक्रवर्ती खिलाफ कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, मगर उस को जेल भेजा गया था क्योंकि अर्नब गोस्वामी के चैनल ने उसके खिलाफ एक झूठा अभियान चलाया था। यकीनन अर्नब गोस्वामी के खिलाफ जो महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई है वह राजनीति से प्रेरित हो सकती है। मगर जो काम अर्णब अपने स्टूडियो में बैठकर किया करता था और लोगों के खिलाफ भड़काता था, उसके साथ वही हो रहा है। ये ना भूलें। ज़मीन पर काम करने वाले कई पत्रकार जेल भेज दिए जाते हैं। गौरी लंकेश की हत्या कर दी जाती है। कुछ लोग तालियां तक बजाते हैं। ये ना भूलें।
अभिव्यक्ति……………! राजेंद्र सोनी

