Site icon OmExpress

अमेरिका ने हासिल की 10 करोड़ डोज कोरोना वैक्सीन

बड़ा खुलासा: अमेरिका ने हासिल की कोरोना वैक्सीन की 10 करोड़ डोज, पुतिन समेत रूसी अरबपति टीके लगवा हो चुके हैं संक्रमण मुक्त
नई दिल्ली। दुनियाभर के देश कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ कारगार टीका (वैक्सीन) बनाने में जुटे हुए हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा टेस्ट की जा रही दुनिया की पहली संभावित कोरोना वैक्सीन के नतीजे अब तक काफी प्रभावित करने वाले रहे हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर कोरोनावायरस की वैक्सीन तैयार कर रही है।

हालांकि, देश के चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो वैक्सीन जल्द बन भी गई तब भी भारत की 60-70 प्रतिशत आबादी के टीकाकरण में कम से कम 2 साल का वक्त लगेगा। ‘हर्ड इम्यूनिटी’ सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 60 से 70 प्रतिशत आबादी में रोग प्रतिरोधकता जरूरी है।

इस बीच, एक बड़ा खुलासा हुआ है। समाचार एजेंसी एएफपी की खबर के मुताबिक, अमेरिका ने कोरोनावायरस के संक्रमण से निजात दिलाने वाले टीके की 10 करोड़ खुराक अपने पास सुरक्षित रख ली हैं। जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक ने यह खुलासा किया है। बायोएनटेक ने कहा कि अमेरिका ने $1.95 अरब कीमत की कोरोनावायरस की वैक्सीन अपने लिए हासिल की है।

कुछ ऐसी ही खबर रूस से आई। बताया जा रहा है कि वहां के राष्ट्रपति समेत अरबपतियों ने कोरोनावायरस का टीका लगवाकर कोरोनावायरस के होने वाले संक्रमण से खुद को बचा लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन, बड़ी राजनीतिक हस्तियों और देश के अरबपतियों ने अप्रैल महीने में ही कोरोना का टीका लगवा लिया था।

भारत में वायरस का टीका बनाने के लिए कई स्वास्थ्य संस्थानों में युद्ध स्तर पर शोध चल रहे हैं। ऐसे में देसी टीका बनने में कितना समय लगेगा, इस सवाल के जवाब एम्स के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट प्रमुख डॉक्टर संजय के राय ने अहम प्रतिक्रिया दी है।

Exit mobile version