अरडी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (कंपनी) ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 को 2 रुपये फेस वैल्यू वाले अपने इक्विटी शेयरों का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम खोलने का प्रस्ताव रखा है। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने का दिन आईपीओ खुलने से एक कार्यदिवस पहले यानी मंगलवार, 4 अगस्त 2026 होगा। आईपीओ शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को बंद होगा।
इस आईपीओ का प्राइस बैंड 2 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर के लिए 50 रुपये से 53 रुपये तय किया गया है। निवेशक कम-से-कम 281 इक्विटी शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे और इसके बाद 281-281 शेयरों के गुणक में बोली लगा सकेंगे।
इस आईपीओ में 320 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा प्रमोटर बेचने वाले शेयरधारकों की ओर से अधिकतम 1,99,75,000 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश की जाएगी। इसमें संदीप अग्रवाल अधिकतम 99,87,500 और निकुंज अग्रवाल अधिकतम 99,87,500 इक्विटी शेयर बेचेंगे।
यह आईपीओ सेबी (SEBI) के ICDR विनियम (ICDR Regulations), सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स, 1957 (SCRR) के नियम 19(2)(b) और रेगुलेशन 31 के तहत बुक बिल्डिंग प्रोसेस के जरिये लाया जा रहा है। इसके तहत कुल इश्यू (Offer) का 50% से अधिक हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आवंटित नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी बुक रनिंग लीड मैनेजर से मशविरा कर QIB हिस्से (QIB Portion) का अधिकतम 60% एंकर निवेशको को अपने विवेक (Discretionary Basis) से आवंटित कर सकती है।
एंकर निवेशकों के लिए निर्धारित हिस्से में से 40% आवंटन इस तरह किया जाएगा— इसमें 33.33% घरेलू म्यूचुअल फंड्स और 6.67% जीवन बीमा कंपनियों तथा पेंशन फंड्स के लिए उपलब्ध रहेगा। यह आवंटन तभी होगा, जब इन निवेशकों की ओर से एंकर निवेशकों को आवंटित कीमत या उससे अधिक कीमत पर वैध बोलियां प्राप्त हों। यदि एंकर निवेशक हिस्से में पूरा सब्सक्रिप्शन नहीं होता या आवंटन नहीं हो पाता, तो बचा हुआ हिस्सा नेट QIB पोर्शन में जोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा नेट QIB पोर्शन का 5% हिस्सा केवल म्यूचुअल फंड्स के लिए अनुपातिक आधार पर आरक्षित रहेगा, बशर्ते उन्हें ऑफर प्राइस (Offer Price) या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। शेष नेट QIB पोर्शन सभी योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए उपलब्ध रहेगा, जिसमें म्यूचुअल फंड्स भी शामिल होंगे।
इसके अलावा कुल इश्यू (Offer) का कम-से-कम 15% हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। इसमें से एक-तिहाई हिस्सा उन निवेशकों के लिए होगा, जिनकी बोली (Bid Size) 2 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक होगी, जबकि दो-तिहाई हिस्सा उन निवेशकों के लिए रहेगा, जिनकी बोली 10 लाख रुपये से अधिक होगी। यदि इनमें से किसी एक श्रेणी में कम आवेदन आते हैं, तो सेबी के ICDR विनियमों (ICDR Regulations) के मुताबिक वह हिस्सा दूसरी श्रेणी के निवेशकों को आवंटित किया जा सकेगा, बशर्ते ऑफर प्राइस (Offer Price) या उससे अधिक पर वैध बोलियां प्राप्त हों। वहीं, कुल इश्यू का कम-से-कम 35% हिस्सा खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा, बशर्ते वे ऑफर प्राइस या उससे अधिक पर वैध बोलियां लगाएं।
एंकर निवेशकों को छोड़कर सभी संभावित निवेशकों के लिए एप्लिकेशन सपोर्टेड बाय ब्लॉक्ड अमाउंट (ASBA) प्रक्रिया के जरिये आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए उन्हें अपने ASBA खाते का विवरण देना होगा। UPI के ज़रिये आवेदन करने वाले निवेशकों (UPI Bidders) को अपना UPI ID भी देना होगा। इसके बाद संबंधित बोली राशि (Bid Amount) सेल्फ सर्टिफाइड सिंडिकेट बैंक या UPI व्यवस्था के तहत स्पॉन्सर बैंक द्वारा, जैसा लागू हो, उनके खाते में ब्लॉक (Block) कर दी जाएगी। एंकर निवेशकों को ASBA प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करने की अनुमति नहीं होगी।
कंपनी के इक्विटी शेयरों को बीएसई लिमिटेड (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) में सूचीबद्ध (Listing) करने का प्रस्ताव है। इस आईपीओ के लिए NSE को नामित स्टॉक एक्सचेंज बनाया गया है।

