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अरिहंतशरण हुई साध्वीवृृंद की आत्मिक शांति के देव वंदन तथा मोहनीय कर्मपूजा

बीकानेर, 5 दिसम्बर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिन मणि प्रभ सूरिश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती साध्वीश्री शशि प्रभाश्रीजी.म.सा. के सान्निध्य पांच दिवसीय पंच परमेष्ठी प्रीति परिणयोत्सव के तहत गुरुवार को रांगड़ी चैक के सुगनजी महाराज के साध्वीश्री सज्जनश्रीजी म.सा. की 30 वीं पुण्यतिथि एवं साध्वीश्री सुलक्षणा म.सा.और गुरुवार को इंदौर में अरिहंतशरण हुई संघ सबसे वयोवृृद्ध साध्वीश्री शांति गुरुदेव से 80 साल पहले दीक्षित विनीताश्रीजी म.सा. की याद में देव वंदन तथा मोहनीय कर्म पूजन किया गया।

साध्वीश्री शशि प्रभा व संयमपूर्णा ने अरिहंत शरण हुई साध्वीवृृंद के व्यक्ति एवं कृृतित्व, देव, गुरु व धर्म के प्रतिसमपर्ण का स्मरण दिलवाया। उन्होंने कहा कि मानवता से ही मानव की, साधना से ही साधक की तथा खुशबू से ही पुष्प की पहचान होती है। हमें साध्वीवृृंद के जीवन आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन को धर्ममय व समतामय बनाते हुए साधना, आराधना व भक्ति करनी है। गुरु सज्जनश्रीजी व अन्य साध्वीवृृंद के जीवन दर्शन की भाव संवेदना कार्यक्रम के बाद भक्ति संगीत के साथ आयोजित मोहनीयकर्म पूजा में विचक्षण महिला मंडल, सामयिक मंडल, वरिष्ठ गायक सुनील पारख ने भक्ति गीत पेश किए। पूजा का लाभ भंवर लाल, कंवर लाल नाहटा परिवार ने लिया।
खरतरगच्छ युवा परिषद के मंत्री मनीष नाहटा ने बताया कि शुक्रवार को सुगनजी महाराज के उपासरे में सुबह नौ साढ़े नौ बजे संगीत संवेदना-सज्जन काव्यांजलि का कार्यक्रम व उसके बाद दस बजे अर्थ सहित दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा होगी।

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