आज आंवला नवमी है आज के दिन सभी स्त्रियां आंवले के वृक्ष की पूजा करती हैं कई कई स्त्रियां एक साथ मिलकर यह रस्म अदायगी करती हैं। आंवला आयुर्वेद का आधार कहा जाता है। बिना आंवले के किसी भी आयुर्वेदिक नुस्खे की कल्पना करना मुश्किल है सबसे पहले संभवतः आंवला च्यवन ऋषि को घोर वृद्धावस्था से युवा बनाने हेतु अश्वनी कुमारों ने चवनप्राश दिव्य रसायन बनाने में प्रयुक्त किया था जिसके प्रभाव से जर्जर हो चुके च्यवन ऋषि 16 वर्ष के किशोर की भांति देदीप्यमान हो उठे थे। आंवले के दम पर ही आयुर्वेद ने सर्वे संतु निरामया को धरातल पर उतारने में सफलता पाई थी। इसीलिए हमारे चिंतनशील मनस्वियो ने घर घर की स्त्रियों को आंवले के महत्व को समझते हुए उसके वृक्ष को पूजा के काबिल बताया और स्त्रियों को प्रेरित किया कि वे हर वर्ष आंवला नवमी को आंवले के वृक्ष की पूजा करें। तार्किक दृष्टि से लगता है कि हमारे महान ऋषियो ने इसे धर्म के साथ इसलिए जोड़ा कि हर स्त्री आंवले का महत्व भी समझे और घर में हर चीज हर पाक में आंवले को प्रयुक्त करें ताकि हमारे स्वस्थ रहने की प्रक्रिया पीढ़ी दर पीढ़ी सतत रहे। आंवले को हर कोई जानता है कि वह ऐसा पादप है जो गुणों की खान कहा जाता है कच्चा आंवला या मुरब्बा या सुखाकर उसके भांति भांति के उपयोग किसी से छुपे नहीं हैं। आंवला त्वचा का रक्षा कवच है तो बालों का निखार है। इसी तरह आंवला पेट को दुरुस्त रखने पाचन क्रिया को सही करने और रक्त की उष्णता को संतुलित करने में अत्यधिक कारगर है। आंवले के बारे में जितनी चर्चा की जाए वह कम है केवल इतना भर मानकर कि आंवला हमारे स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद का वरदान है हमें नित्य प्रतिदिन किसी कुशल आयुर्वेद चिकित्सक की निगरानी में आंवले के विभिन्न पाक तैयार कर इस्तेमाल करने चाहिएं। सूखा आंवला या मुरब्बा भी चिकित्सक के बताए अनुसार विभिन्न रोगों में लाभप्रद है। हमारी धर्म परायणा ग्रहणियों को आंवले की पूजा के साथ-साथ आंवले के गुणों की भी जानकारी रखनी चाहिए और उसी के अनुरूप घर में आंवले का उपयोग निरंतर ही करना चाहिए तो आंवला नवमी की पूजा सार्थक और फलदाई होगी इसमें कहीं कोई अतिशयोक्ति नहीं हो सकती। शारीरिक क्षमता अनुसार आंवले का जूस एलोवेरा के साथ मिलाकर सेवन करने का परामर्श महान योग गुरु बाबा रामदेव आए दिन ही देते हैं जिससे हमारे सुधि पाठकों को समझ लेना चाहिए कि यह कितना अधिक लाभकारी और कुदरत का वरदान है। साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आंवले का बहुत महत्व है आजकल महामारियां फैल रही हैं जिसके चलते आंवले की उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है।
आंवला नवमी पर विशेष : आंवला आयुर्वेद का आधार -भारती भाई।

