बहुराष्ट्रीय हेल्थकेयर सेवा प्रदाता आईएचएच हेल्थकेयर ने घोषणा की है कि वह 2028 तक भारत में लगभग 2000 नए बिस्तरों वाली सेवा उपलब्ध कराएगा। कंपनी ने यह जानकारी अपने नए ब्रांड आइडेंटिटी (पहचान) के अनावरण के दौरान दी, जिसका उद्देश्य अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में अधिक स्पष्टता और सामंजस्य लाना है।

भारत में, आईएचएच फोर्टिस हेल्थकेयर और ग्लेनईगल्स हेल्थकेयर के माध्यम से 11 राज्यों में 35 अस्पतालों और 5,000 से अधिक बिस्तरों का नेटवर्क संचालित करता है। वैश्विक स्तर पर, इसके पास 140 हेल्थकेयर सुविधाएं हैं, जिनमें 10 देशों में फैले 80 से अधिक अस्पताल भी शामिल हैं।

आईएचएच ने कहा, ‘अपनी बेहतर परिचालन क्षमता, क्लिनिकल उत्कृष्टता और भौगोलिक पहुंच के साथ, आईएचएच भारत में वर्ष 2028 तक लगभग 2,000 नए बेड जोड़ने की अपनी महत्वाकांक्षी योजना को साकार करने के लिए कदम आगे बढ़ा रहा है, इसके लिए परिचालन और वित्तीय दक्षता का भी उपयोग कर रहा है।’

आईएचएच हेल्थकेयर के ग्रुप सीईओ, प्रेम कुमार नायर ने जोर देकर कहा कि उनकी नई पहचान दर्शाती है कि आईएचएच अब एक बहुराष्ट्रीय हेल्थकेयर लीडर के रूप में उभर रहा है। यह कंपनी हेल्थकेयर इकोसिस्टम में प्रभावी नवाचार, तालमेल और रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देकर भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नया रूप दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘आईएचएच हेल्थकेयर दुनिया के कुछ सबसे जाने-माने और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा ब्रांडों का समूह है, जो भौगोलिक विस्तार के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा हेल्थकेयर नेटवर्क बनाता है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह महत्वाकांक्षा हमारे पहले फ्लैगशिप FutureHealth.Now हेल्थकेयर लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में साकार हो रही है, जहां हम दूरदर्शी विचारकों को एक साथ लाकर साहसिक विचारों को जन्म देंगे और नई साझेदारियां बनाएंगे, जो स्वास्थ्य सेवाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाएंगी।’

जुलाई में, आईएचएच ने अपनी भारतीय सहायक कंपनियों फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड और ग्लेनईगल्स हेल्थकेयर के बीच एक रणनीतिक सहयोग की घोषणा की थी, जिससे बेहतर व्यवसाय प्रदर्शन और सतत विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

सहयोग के तहत, फोर्टिस ग्लेनईगल्स इंडिया नेटवर्क के छह में से पांच अस्पतालों के संचालन का प्रबंधन करेगा। आईएचएच के अनुसार, यह सहयोग भारत स्तर पर उसके हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म को मजबूत करेगा, जिसमें बेहतर परिचालन पैमाना, नैदानिक उत्कृष्टता और भौगोलिक पहुंच होगी, साथ ही प्रतिभा को बनाए रखते हुए वित्तीय प्रबंधन में स्वायत्तता भी रहेगी।

आईएचएच के अनुसार, यह सहयोग पूरक क्षमताओं को एकजुट करेगा, जो उच्च गुणवत्ता वाली, रोगी-केंद्रित देखभाल प्रदान करने की साझा प्रतिबद्धता के तहत परिचालन और वित्तीय तालमेल को खोलेगा।