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आपातकाल का काला दिवस प्रजातंत्र पर आघात था : रांका

बीकानेर। हम उन सभी महानुभावों को वंंदन व अभिनन्दन करते हैं, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया। 45 साल पहले आज के ही दिन इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था। वो काला दिवस प्रजातंत्र पर आघात था। 1.40 लाख लोगों को जेल में डाला गया, कोर्ट की आवाज को दबा दिया गया, न्याय व्यवस्था को अपने कब्जे में ले लिया, प्रेस का गला घोंट दिया गया। यह बात नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष महावीर रांका ने गुरुवार को आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले नेताओं के अभिनन्दन के दौरान कही। पूर्व चैयरमेन रांका ने बताया कि गुरुवार को 13 तथा बुधवार को दो जनों का अभिनन्दन किया गया।

भाजपा के पवन महनोत ने बताया कि घेवर जोशी, रिखबदास बोड़ा, श्रीदत्त दवे, रामकृष्णदास गुप्ता, मनमोहनसिंह यादव, नारायण यादव, केदार अग्रवाल, नारायण दास रंगा, हनुमान चांडक, दाऊलाल गहलोत, भंवरलाल गहलोत, बर्मानन्द गहलोत तथा मूलचन्द सोलंकी का गुरुवार को भारत माता की तस्वीर, शॉल व साफे के साथ अभिनन्दन किया गया। अभिनन्दन के दौरान कुलदीप यादव, मनोज गहलोत, शंभु गहलोत, टेकचंद यादव, दुर्गाशंकर व्यास, दुर्गाशंकर आचार्य, आनंद जोशी, ओमप्रकाश खींची, पवन भाटी, रमेश भाटी तथा प्रणव भोजक आदि शामिल रहे।

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