जयपुर, 22 सितंबर 2026। जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने आरक्षण, सामाजिक समरसता, शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उनका स्वागत समाजसेवक काली सेना के बालस्वरूप शर्मा एवं डॉ एस के शर्मा ने किया।
स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े तथा अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों को अवसर उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि इसका लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से दूरदराज और जंगल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों तक अवसर एवं सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने UGC से जुड़े मुद्दों और आरक्षण व्यवस्था पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और अवसरों की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। साथ ही उन्होंने समाज को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने के बजाय सामाजिक एकता एवं समरसता पर जोर दिया।
स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने भारत को उसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश को ऐसा राष्ट्र बनाना चाहिए जहां समाज में आपसी भाईचारा, संस्कार और एकता मजबूत हो। उन्होंने ‘राम राज्य’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए धर्मांतरण के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी।
उन्होंने युवाओं को लेकर कहा कि देश की युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं को ‘संस्कारी युवा’ के रूप में प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम चौपालों के माध्यम से लोगों से संवाद बढ़ाने और समाज को जोड़ने की आवश्यकता भी बताई।
स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज ने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज को बांटने के बजाय समाज को जोड़ने, संस्कारों को मजबूत करने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान काली सेना के बालस्वरूप शर्मा एवं डॉ. एस के शर्मा ने स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज का स्वागत किया इसमें विपिन दीक्षित प्रदेश सचिव काली सेना , प्रदेश मीडिया प्रभारी काली सेना जितेंद्र जी शर्मा, पंकज जी शर्मा काली सेना प्रदेश महासचिव, रामनिवास दुबे, अंशुल पारीक, आशुतोष सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, प्रतीक दीक्षित, एवं अन्य जन गण मान्य उपस्थित रहे

