Site icon OmExpress

इंटर डिस्कॉम स्थानांतरण के लिए बिजली कर्मियों के अनिश्चितकालीन धरने का 17 वां दिन

जयपुर,।तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार द्वारा बिजली विभाग में सन् 2000 में डिस्कॉम बनाए जाने के बाद से ही तीनो डिस्कॉम में इंटर डिस्कॉम स्थानांतरण पर रोक लगी हुई है जिसके कारण हजारों की संख्या में बिजलीकर्मी अपने गृह जिले में नही जा पा रहे है। बिजली कर्मियों द्वारा डिस्कॉम बनाए गए तब से ही इंटर डिस्कॉम स्थानांतरण की मांग की जा रही है लेकिन सरकार का विचार इस ओर सकारात्मक नही दिखाई देने के कारण आज हजारों की संख्या में बिजली कर्मियों और उनके परिजनों में कांग्रेस सरकार के प्रति लगातार असंतोष बढ़ रहा है। स्थानांतरण नीति बनाए जाने की मांग के समर्थन में अब बिजली कर्मियों के साथ उनके परिजन भी धरने में शामिल होने लगे है। बिजली कर्मियों के परिजनों के द्वारा भी अब लगातार ज्ञापन दिए जा रहे है। इंटर डिस्कॉम संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष रामकेश मीणा ने बताया की जब प्रत्येक विभाग के कार्मिक का राजस्थान में कही भी स्थानांतरण हो सकता है तब बिजली कर्मियों के साथ 23 वर्षो से सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है जबकि आपातकालीन सेवाओं में आने वाले विभागो के कार्मिकों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए। सरकार के प्रति बिजली कर्मियों के बढ़ते असंतोष के कारण आने वाले समय में आम आदमी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। मीणा ने बताया की इंटर डिस्कॉम स्थानांतरण के लिए जारी अनिश्चितकालीन आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इसका स्थाई समाधान नहीं निकल जाता है।

Exit mobile version