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ईसीबी में “अक्षय ऊर्जा इंटीग्रेशन” विषयक पांच-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज

– अक्षय उर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी किया जाना समय की मांग: प्रो. विद्यार्थी

– कार्यक्रम से मिलेगा देश के 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण

बीकानेर।इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के इलेक्ट्रिकल विभाग द्वारा आयोजित तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली के अटल अकादमी योजना की और से प्रायोजित “अक्षय ऊर्जा प्रणाली का एकीकरण” विषयक पांच दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश शरण विद्यार्थी के मुख्य आथित्य में आगाज हुआ. प्रो. विद्यार्थी ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये और ऊर्जा के सीमित संसाधन को देखते हुए कहा की अक्षय ऊर्जा क्षेत्रों में नवोन्मेषण व शोध पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया की सम्पूर्ण देश में प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है व अक्षय ऊर्जा के दोहन से ग्रामीण भारत में रोजगार के साथ किसानो व मजदूरों के आय बढ़ेगी जिससे हमें आत्म निर्भर बनने में मदद मिलेगी ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गणेश प्रजापत ने उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों व विशेषज्ञों का स्वागत किया तथा पांच दिन चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी । उन्होंने बताया की इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश की विभिन्न आईआईटी, एनआईटी एवं राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों के विषय विशेषज्ञ अपना व्याख्यान देंगे । ईसीबी के प्राचार्य डॉ. जय प्रकाश भामू ने बताया कि हमारे देश में सौर, पवन और अक्षय ऊर्जा के कई विकल्प मौजूद हैं जिसकी मदद से हम देश की ऊर्जा की व्यवस्था को बदल सकते हैं। उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया की खत्म होते पेट्रोल डीजल और कोयला को देखते हुए हमें नित्य नए उर्जा के स्रोतों पर विचार करना चाहिए।

कार्यक्रम में एआईसीटीई. से प्रसारित मुख्य उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि एडोब कंपनी से श्री सुप्रीथ एवं एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे ने अपना व्याख्यान दिया और इस तरह के कार्यक्रमों की उपयोगिया पर प्रकाश डाला ।

समन्वयक डॉ गणेश प्रजापत ने बताया कि इस कार्यक्रम में देश भर के करीब 200 शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है. कार्यक्रम के अंत में डॉ ऋतुराज सोनी तथा ईसीबी रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुड़ी ने उपस्थित सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया. समन्वयक डॉ. गणेश प्रजापत ने बताया कि कार्यशाला के समापन पर होने वाली परीक्षा को उत्तीर्ण करने पर एआईसीटीई द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण पत्र दिए जायेंगे।

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