Site icon OmExpress

ईसीबी में प्रशिक्षण कार्यक्रम के चौथे दिन पावर सिस्टम री-इंजीनियरिंग तनाव प्रबंधन पर हुई चर्चा

– सकारात्मक तनाव जीवन की आवश्यकता है: डॉ. बिस्सा

बीकानेर।सकारात्मक तनाव व्यक्ति को जीने की प्रेरणा देता है जबकि नकारात्मक तनाव कष्ट और क्लेश का जनक है ये विचार डॉक्टर गौरव बिस्सा ने इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर द्वारा आयोजित व एआईसीटीई अटल अकादमी द्वारा प्रायोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त करते हुए कहीं। डॉ. बिस्सा ने कहा कि व्यक्ति का अहंकार, लालच की भावना, संगठन से बहुत ज्यादा उम्मीद करना और प्रतिपल ज्यादा से ज्यादा की उम्मीद करने के कारण तनाव उपजता है। डॉ. बिस्सा ने कहा कि हैड, हॉट हैंड और हेल्थ के प्रभावी मैनेजमेंट से तनाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने अनेक रोचक उदाहरणों विदेशी और देशी विश्व विद्यालयों के शोध द्वारा यह स्पष्ट किया कि क्षमा करने का भाव, पॉज़िटिव एटिट्यूड , और जो है उसे स्वीकारने का दम ही व्यक्ति को तनाव मुक्त बनाता है। उन्होंने प्रभावी डेलिगेशन, मंकी एनालॉजी के रोचक उदाहरण और आत्मानुशासन की त्रिवेणी को तनावमुक्त करने मैं सहायक बताया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के डॉ. महेंद्र लालवानी ने पावर सिस्टम री इंजीनियरिंग और रीस्ट्रक्चरिंग पर अपने विशेष विचार रखे। उन्होंने इसे अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए अपना प्रस्तुतिकरण दिया। कार्यक्रम के तीसरे सत्र में डॉ. राहुल दुबे ने ग्रिड इरीगेशन प्रणाली पर अपने विचार रखे और इसकी महत्ता बताई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. गणेश प्रजापत ने स्पीकर्स का स्वागत किया और सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में विविध क्षेत्र से 100 से ज्यादा प्रोफेसर्स ने अपनी भागीदारी निभाई |

Exit mobile version