बीकानेर /कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित जन शिक्षण संस्थान द्वारा चांडा सर गांव में मंगलवार को कौशल से आत्मनिर्भरता कार्यक्रम और तैयार उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरजेएस पवन कुमार अग्रवाल ने प्रशिक्षणार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा की आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ हाथ का हुनर सीखना और हाथ के हुनर के साथ शिक्षा की मुख्यधारा में बने रहना दोनों ही बहुत आवश्यक है प्रशिक्षणार्थी अपने हाथ के हुनर को स्वरोजगार से जोड़कर स्वयं की आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बनाएं।
कार्यक्रम के अध्यक्ष उद्बोधन में स्थानीय ग्राम पंचायत के सरपंच विनोद कुमार गौड़ ने कहा कि गांव का जब कोई व्यक्ति चाहे महिला हो या पुरुष हो आत्मनिर्भर बनता है तो वह पूरे गांव की आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है इसलिए गांव की महिला शक्ति जन शिक्षण संस्थान के कौशल विकास कार्यक्रमों से गांव की अधिकाधिक महिलाओं को हाथ का होना सीखने के लिए प्रेरित करें। ग्राम पंचायत द्वारा संस्थान के कौशल विकास कार्यक्रमों में पूरा सहयोग किया जाएगा।
जन शिक्षण संस्थान के निदेशक राम लाल सोनी ने जन शिक्षण संस्थान ने बताया कि संस्थान के द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों में व्यावसायिक कौशल के साथ-साथ प्रमुख जीवन कौशलों में भी प्रशिक्षणार्थियों को दक्ष किया जाता है। प्रशिक्षणार्थियों के बोलने का ढंग ग्राहकों से बात करने का ढंग कच्चा माल खरीदने का तरीका उसके विपणन और वैल्यू एडिशन के साथ महिला कानून अधिकार स्वास्थ्य स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रशिक्षणार्थियों की समझ विकसित की जाती है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आगंतुकों का स्वागत करते हुए संस्थान के कार्यक्रम अधिकारी ओमप्रकाश सुथार ने जन शिक्षण संस्थान की कार्य गतिविधियों एवं उद्देश्य से आगंतुकों को अवगत कराया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार उत्पाद की प्रदर्शनी आयोजित की गई जिसका शुभारंभ अतिथियों के कर कमलों से किया गया।
हाथ का हुनर सीख कर स्वरोजगार और रोजगार से जुड़ने वाले संभागीय की ओर से उर्मिला नाई दुर्गा गौड़ रॉबिन नायक गोपाल मेघवाल शबनम बानो शबनम बानो आदि ने कड़ी मेहनत से सच्ची लगन से सफलता प्राप्त होने की बात कही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुनीता नाई चंदा देवी सोलंकी शोभा देवी मेघवाल अनूप कुमार नाई सहित स्थानीय अनुदेशकों एवं प्रशिक्षणार्थियों की सक्रिय सहभागिता