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ऊंट उत्सव एक रोचक कथा-भाग 3

जितेंद्र व्यास। पर्यटन।

बीकानेर में न केवल भुजिया पापड़ प्रसिद्ध है बल्कि अनेक बातें है जो इसे अन्य शहरों से जुदा करती है। इसीलिए यह कहा गया है कि -ऊंट, मिठाई, स्त्री, सोनो गहनों, शाह। पांच चीज़ प्रिथ्वी सिरे वाह बीकाणा वाह। यहाँ सोने का काम..और भामाशाओं का नाम भी जग जाहिर है।

आज बात सौंदर्य और श्रृंगार पर आधारित ऊंट उत्सव के दौरान होने वाली मिस मरवण खिताब की। उत्सव में अनेक प्रतियोगिताएं विवादों में रही। फर्जीवाड़ा भी हुआ। 2006 में मिस मरवण प्रतियोगिता में एक ऐसी महिला को खिताब दिलवाया गया जो शादीशुदा थी। यह बात एक सूत्र द्वारा पता चल गयी। मैंने इस न्यूज़ को तब अलग ढंग से प्रकाशित किया था। इसका शीर्षक था-मम्मी बनी मिस मरवण। अगले दिन यानी उत्सव के दूसरे दिन बवाल मच गया।

यहाँ तक कि तत्कालीन जिला कलेक्टर श्रया गुहा के निर्देश पर पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक एच एम् आर्य को निर्णय बदलना पड़ा। उस महिला ने भी मुझे फ़ोन पर खरी खरी सुनाई। इसके बाद भी प्रतियोगिताओं में विवाद नहीं थमे। कई बार ऐसा भी हुआ जब निर्णायकों ने अपना निर्णय कागज़ पर लिखकर दिया और स्टेज से किसी ओर का नाम पुकार कर पुरस्कार दिए गए। इसका भी मैं गवाह बना। शेष…अगले अंक में …आपको बताऊंगा क्यों एक रौबीला मुंडन करवाने की धमकी देकर कलेक्टर कार्यालय के आगे जा पहुंचा।

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