Site icon OmExpress

एक प्रेरणा : 9 वर्ष की उम्र से योग को समर्पित जयपुर की बेटी



-योग विभूति पूर्वी विजयवर्गीय समाज रत्न से सम्मानित

जयपुर।राजस्थान में सबसे उम्र में हजारों को योगाभ्यास का प्रशिक्षण दे योग से रोग निदान का लोक कल्याणकारी कार्य करने पर हाल ही प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र एवं जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापर्व सौम्या गुर्जर द्वारा योग विभूति से सम्मानित 18 वर्षीय जयपुर की बेटी पूर्वी विजयवर्गीय को अब प्रदेश के विख्यात समाज रत्न 2023 अलंकृत से सम्मानित किया गया है।

– स्वअनुशासन, सेवा, समर्पण एवं दृढ़ इच्छा शक्ति से सफलता
जयपुर के राजस्थान चैम्बर भवन में आयोजित समाज रत्न सम्मान समारोह में गीता पाठी आध्यात्मिक विभूति भगवान गट्टाणी, प्रसिद्ध समाजसेवी आर. के. अग्रवाल, अभय नाहर, परमार्थ एवं आध्यात्मिक समिति के श्याम विजय द्वारा बालयोगिनी पूर्वी विजयवर्गीय को यह सम्मान साफा पहना कर एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया गया। समारोह के आयोजक राजस्थान जन मंच ट्रस्ट के कमल लोचन ने कहा कि छोटी उम्र में योग के क्षेत्र में स्व अनुशासन के साथ सेवा, समर्पण एवं दृढ़ इच्छा शक्ति के लिये योग विद्या में निपुणता प्राप्त कर अनेको योग कार्यक्रमों और प्रशिक्षण का नेतृत्व करने तथा अनेको शिक्षण संस्थानो एवं एवं योग शिविरों में योगाभ्यास करवाने वाली पूर्वी विजयवर्गीय सभी के लिए एक प्रेरणा है, इसी आधार पर उनका चयन किया गया है।
-कराने वाला करा रहा है करण हार हम किए जा रहे
उल्लेखनीय है कि 9 वर्ष की उम्र से ब्रह्माकुमारी से राज योग एवं प्रसिद्ध योगाचार्य ढाकाराम से महर्षि पतंजलि द्वारा निर्देशित योगाभ्यास प्रशिक्षण प्राप्त कर बॉडी, माइंड एवं सोल के स्तर पर योगा थैरेपिस्ट एवं काउंसलर के रूप में कार्य कर रही है, योग शिविरों के माध्यम से अब तक हजारों विद्यार्थियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योग अभ्यास करवाने वाली पूर्वी को 11 वर्ष की उम्र में इंडियन गवर्नमेंट फाउंडेशन, 12 वर्ष की उम्र में माउंट आबू में इंडिया चिल्ड्रन पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कैंप में ब्रह्मा कुमारी, 13 वर्ष की उम्र में श्नाइडर फाउंडेशन इंडिया ग्रीन एंबेसडर अवार्ड,14 वर्ष की उम्र में चाइल्डलाइन इंडिया फाउंडेशन आदि अनेक धार्मिक आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित किया गया है। कम उम्र में यह सब वह कैसे कर पाई पूछे जाने पर पूर्वी कहती है की “कम उम्र में यह सब परमपिता परमात्मा की कृपा माता-पिता एवं गुरुजनों के मार्गदर्शन से हो पाया है, मुझे स्पष्ट लगता है कि मैं कुछ नहीं कर रही ईश्वरीय शक्तियां मुझसे करवा रही हैं – कराने वाला करा रहा है करण हार हम किए जा रहे”

Exit mobile version