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एक ही छत के नीचे जनता के सभी तरह के कामकाज निबटाए जाएंगे

जयपुर.कांग्रेस सरकार पंचायत चुनाव बाद प्रशासन गांव और शहरों के संग अभियान चलाएगी। इस दाैरान एक ही छत के नीचे जनता के सभी तरह के कामकाज निबटाए जाएंगे और सरकारी कार्यालयाें के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे। रविवार काे मुख्यमंत्री आवास पर सीएम अशाेक गहलाेत की अध्यक्षता में बुलाई गई मंत्री परिषद की बैठक में यह फैसला किया गया।

बैठक के दाैरान सीएम ने सभी प्रभारी मंत्रियाें काे निर्देश दिया कि वे हर 15 दिन बाद प्रभारी जिले में पहुंचकर जनसुनवाई करें। जनता की पीड़ा काे दूर करने का प्रयास करे, जिससे जनता के बीच में सरकार के प्रति अच्छा मैसेज जा पाए। सीएम आवास पर करीब 4 घंटों तक चली बैठक में विभागों की बजट घोषणा, जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री आवास पर कांग्रेस पदाधिकारियाें की संयुक्त बैठक भी हुई।

इसमें 14 दिसंबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के लिए सभी मंत्रियों भीड़ जुटाने के टारगेट दिए गए। राजस्थान से 50 हजार कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। हर मंत्री को अपने प्रभार वाले जिलों से 2 से 3 हजार लोगों की भीड़ लाने के लिए कहा गया है।

इससे पहले मंत्री परिषद की बैठक में सीएम ने मंत्रियाें से कहा कि वे प्रभारी जिलाें में पहुंचकर जनसुनवाई करें। अभियानों में राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, जलदाय, नगरीय विकास, सहकारिता, आयुर्वेद, श्रम, वन एवं पर्यावरण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास आदि विभागों के माध्यम से जनसमस्याओं का निराकरण करने पर जोर दिया।

गहलोत ने कहा कि तमाम विभाग इस वित्त वर्ष के समाप्त होने से पूर्व अधिक से अधिक बजट घोषणाओं की क्रियान्विति सुनिश्चित करें। जिला कलेक्टर एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ मंत्री बैठक कर योजनाओं एवं 20 सूत्री कार्यक्रम की धरातल पर क्रियान्विति की समीक्षा की जाएगी। जिलों के दौरे में प्रभारी मंत्री अब आमजन के साथ संवाद कर तमाम विभागों की सर्विस डिलीवरी एवं अन्य कार्यों के संबंध में जमीनी फीडबैक प्राप्त करेंगे।

लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों पर कार्रवाई भी होगी। डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने बताया कि पंचायत चुनाव बाद एक छत के नीचे जनता काे गांव और शहराें में उनके काम काे किया जाएगा। जनता के पास सरकार जाएगी, जिससे माैके पर ही उनकी समस्या का निदान हाे सके।

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