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एमएलए बिश्नोई ने सदन में फिर उठाया ईसीबी मुद्दा, कहा- बीकानेर में नहीं माने जा रहे हाईकोर्ट के आदेश


-चार अनशनकारियों की हुई तबीयत खराब, अनशन स्थल पर स्व. नाहटा को दी श्रद्धांजलि

बीकानेर। 27 दिनों से बीकानेर में ईसीबी कार्मिकों की ज्वाइनिंग को लेकर भाजपा नेता महावीर रांका की अगुवाई में आमरण अनशन चल रहा है, लेकिन बीकानेर में हाईकोर्ट के आदेश नहीं माने जा रहे हैं। यह बात एमएलए बिहारीलाल बिश्नोई ने सदन में ईसीबी मुद्दे को उठाते हुए कही। एमएलए बिश्नोई ने सदन में सभापति को बताया कि पिछले दिनों स्थगन के दौरान भी ईसीबी कार्मिकों की नियुक्ति का मुद्दा उठाया गया था। ईसीबी के 18 कार्मिकों को बिना किसी सूचना, बिना किसी विधिक कार्यवाही के निष्कासित कर दिया गया। उक्त कार्मिकों की ज्वाइनिंग के आदेश भी हाईकोर्ट से दे दिए गए हैं लेकिन उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना की जा रही है। भाजपा नेता महावीर रांका ने बताया कि नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने उक्त कार्मिकों की पीड़ा को समझते हुए मुद्दे को सदन में दूसरी बार पेश किया है और मंत्री व मुख्यमंत्री की पोल खोली है। सच्चाई व संघर्ष में बिश्नोई ने जनता का साथ देते हुए अपना राजनैतिक धर्म निभाया है। पूर्व पार्षद राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि शनिवार को अनशन स्थल पर धर्मपरायण एवं समाजसेविका स्व. कमला देवी नाहटा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। गौरतलब है कि स्व. कमला देवी नाहटा धर्मपत्नी स्व. खेमचंद नाहटा पूर्व यूआईटी चैयरमेन महावीर रांका की भुआजी थीं तथा धर्म व सेवा कार्यों में अग्रणी थीं। कुलदीप यादव ने बताया कि शनिवार को चार अनशनकारियों मोहम्मद ताहिर, मधुसूदन शर्मा, तेजाराम राव और आनन्द शर्मा की तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। इनके स्थान पर मगाराम सियाग, हरिशंकर सियाग, रामदेव गोदारा, हरिराम गोदारा, ओमसिंह आमरण अनशन पर डटे हुए हैं। अनशन स्थल पर प्रणव भोजक, सुभाष गोयल, गणेश जाजड़ा, आनन्द सोनी, कैलाश पारीक, मनोज पडि़हार, गौरीशंकर देवड़ा, मोहम्मद ताहिर, मधुसूदन शर्मा, मालचंद जोशी, शंकरसिंह राजपुरोहित, ओम राजपुरोहित, जितेन्द्र सिंह भाटी, तेजाराम राव, श्रवण चौधरी, शंभु गहलोत, रतनलाल पारीक, जय उपाध्याय उपस्थित रहे।

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