एलिवेट कैम्पसस लिमिटेड (‘‘एलिवेट कैम्पसस’’) का ₹2,100 करोड़ तक का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) बुधवार, 23 सितंबर 2026 को खुलेगा। कंपनी भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों के परिसरों में छात्र आवास के स्वामित्व, संचालन और प्रबंधन तथा के-12 परिसंपत्तियों के स्वामित्व के कारोबार में है। 15 जून 2026 तक छात्रों की क्षमता के आधार पर कंपनी देश की सबसे बड़ी संस्थागत और स्वतंत्र शिक्षा प्लेटफॉर्म कंपनियों में शामिल है।
कंपनी का आईपीओ बुधवार, 23 सितंबर 2026 को खुलेगा और शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने की तारीख मंगलवार, 22 सितंबर 2026 होगी।
गैर-एंकर निवेशक न्यूनतम 41 इक्विटी शेयरों के लिए और इसके बाद 41 शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकेंगे।
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹343 से ₹362 प्रति इक्विटी शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। आईपीओ का कुल आकार ₹1 अंकित मूल्य वाले इतने इक्विटी शेयरों का है, जिनका कुल मूल्य ₹21,000 मिलियन यानी ₹2,100 करोड़ तक है।
एलिवेट कैम्पसस उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) में परिसर-आधारित छात्र आवास के स्वामित्व, संचालन और प्रबंधन के साथ-साथ के-12 परिसंपत्तियों का कारोबार करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की मौजूदा क्षमता भारत के 15 शहरों और संयुक्त अरब अमीरात के एक शहर में 80,255 छात्रों को आवास उपलब्ध कराने की है। छात्र आवास कारोबार ‘गुड होस्ट स्पेसेज’ और ‘स्कॉलरजेड’ ब्रांड के तहत संचालित होता है, जबकि के-12 परिसंपत्तियों का प्रबंधन के-12 ऑपरेटरों के साथ दीर्घकालिक लीज व्यवस्था के तहत किया जाता है।
कंपनी के पोर्टफोलियो में स्वामित्व वाली और प्रबंधित, दोनों तरह की परिसंपत्तियां शामिल हैं। ‘ओन्ड पोर्टफोलियो’ में 31 मार्च 2026 तक छह भारतीय शहरों में कुल 20,368 बेड क्षमता वाले सात छात्र आवास परिसर शामिल थे। इसके अलावा दुबई (यूएई) में दो के-12 परिसंपत्तियां भी इसके स्वामित्व वाले पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।
वहीं, ‘मैनेज्ड पोर्टफोलियो’ में 31 मार्च 2026 तक 14 छात्र आवास परिसर शामिल थे, जिनमें कुल 55,487 बेड कंपनी के प्रबंधन के तहत थे।
आईपीओ बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से सेबी आईसीडीआर नियमों के लागू प्रावधानों के अनुसार पेश किया जा रहा है। आईपीओ के कम से कम 75 प्रतिशत हिस्से का आवंटन योग्य संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के लिए उपलब्ध होगा। लागू नियमों के अधीन क्यूआईबी हिस्से के 60 प्रतिशत तक हिस्से का आवंटन एंकर निवेशकों को किया जा सकता है।
इसके अलावा, आईपीओ के 15 प्रतिशत से अधिक हिस्से का आवंटन गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए नहीं होगा। इस हिस्से को ₹2 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक के आवेदन वाले निवेशकों तथा ₹10 लाख से अधिक के आवेदन वाले निवेशकों के बीच निर्धारित नियमों के अनुसार बांटा जाएगा। वहीं, वैध बोली मिलने और बोली मूल्य इश्यू प्राइस के बराबर या उससे अधिक होने की स्थिति में आईपीओ के 10 प्रतिशत से अधिक हिस्से का आवंटन खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए नहीं होगा।
अधिक जानकारी के लिए 17 सितंबर 2026 को जारी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के पृष्ठ 621 और 641 से शुरू होने वाले ‘इश्यू स्ट्रक्चर’ और ‘इश्यू प्रोसीजर’ अनुभाग देखे जा सकते हैं।
एलिवेट कैम्पसस का नेतृत्व रियल एस्टेट, डील फाइनेंसिंग, संचालन और सुविधा प्रबंधन के क्षेत्र में अनुभव रखने वाली प्रबंधन टीम करती है। कंपनी के प्रमोटरों का अंतिम स्वामित्व और नियंत्रण हिलहाउस इन्वेस्टमेंट के फंड्स के पास है, जो एक वैश्विक वैकल्पिक निवेश प्रबंधक है।
हिलहाउस ने 2020 में अपनी रियल-एसेट्स रणनीति के तहत रावा पार्टनर्स की स्थापना की थी। स्थापना के बाद से रावा पार्टनर्स ने एशिया की रियल-एसेट अर्थव्यवस्था के विकासशील क्षेत्रों में 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई है। इनमें शिक्षा, लॉजिस्टिक्स/औद्योगिक क्षेत्र, लाइफ साइंसेज/हेल्थकेयर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।