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कंट्रोल रूम में झूठी सूचना देने पर मुकदमा दर्ज

-महिला ने पुलिस कंट्रोल रूम में दी थी सूचना
हर्षित सैनी
रोहतक। गांव में एक समुदाय विशेष के लोगों के आने की झूठी सूचना देने पर सांपला पुलिस ने गांव गिझी निवासी रेखा पत्नी राजेश के खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 की धारा 12 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। उपायुक्त आर एस वर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि झूठी अफवाह चलाने के संबंध में पहले भी कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।
वर्मा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पहले ही अफवाह अथवा फर्जी खबर का प्रसार करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कहा जा चुका है कि मीडिया अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से करें और कोई भी ऐसा समाचार प्रसारित न करें, जो आम जनता में घबराहट अथवा भय की स्थिति पैदा करने का काम करता हो।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के उपरांत केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भी फर्जी खबर देने के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं और इन आदेशों की प्रतियां प्रेस परिषद, न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एसोसिएशन नेशनल व ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन को भी भेजे जा चुके हैं।
गिझी निवासी रेखा ने अपने मोबाइल नंबर से कंट्रोल रूम को सूचित किया था कि गांव में 10-15 समुदाय विशेष के लोग आ गए हैं। इस पर पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की गई तो यह सूचना झूठी पाई गई। इस आधार पर मुकदमा दर्ज करके उक्त महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में जींद निवासी कर्मवीर आर्य उर्फ करमू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसी प्रकार ट्विटर पर मजदूरों के भूखा रहने की झूठी पोस्ट करने पर सांपला पुलिस ने मनीष यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसी प्रकार ताश खेलने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने के मैसेज को वायरल करने पर भी सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

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