Site icon OmExpress

कागारौल में वर्षों से बन्द पडा़ सरकारी अस्पताल

– इलाज के लिए भटक रहे ग्रामीण

– रालोद जिलाध्यक्ष ने नजारा देख जताई नाराजगी

आगरा – तहसील खेरागढ़ ब्लॉक के अन्तर्गत कागारौल के उप स्वास्थ्य केन्द्र विश्रामपुर में करीब दस वर्ष से सरकारी अस्पताल बना बन्द पड़ा है। लेकिन अबतक वहां कोई डाक्टर नहीं पहुंचा। सरकार आंख बन्द कर लाखों रुपये खर्च कर बैठी। कोई स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। इस कोविड 19 की महामारी के चलते गांव की काफी जनता दहशत में हैं जो करीब एक किलो मीटर दूर शाहपुर गांव में पिछले हफ्ते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंच कर जांच की तो 12 महिला,पुरुष और किशोरी संक्रमित निकले। जिससे लोगों में दहशत है। वहां विश्रामपुर के ग्रामीण नजदीक होने के कारण परेशान हैं कि यहां सरकारी अस्पताल बनाकर शासन प्रशासन भूल गया। ग्रामीण इलाज के लिए भटकते रहते हैं। ग्रामीण लोगों का आरोप है कि यहां की प्रधान गंगा देवी हैं वह आगरा में रहती हैं।

ग्रामीण लोगों की सूचना पर राष्ट्रीय लोकदल की जिलाध्यक्ष डॉ0मालती चौधरी बन्द पड़े अस्पताल का नजारा देखने पहुंची। अस्पताल का नजारा देख दंग रह गयीं। कहा कि सरकार ने लाखों रुपया खर्च कर अस्पताल बनवाया लेकिन चिकित्सक यहां अबतक क्यों नहीं बैठे। इस अस्पताल परिसर में गेट से पशु बंधे और बरामदे में चारा और गन्दगी के ढ़ेर कुछ लोगों ने लगा रखे हैं। इस समस्या को लेकर डीएम से मुलाकात करने की बात ग्रामीण लोगों से की है। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष डॉ0मालती चौधरी,चौधरी बच्चू सिंह,चौधरी मांगे लाल,अजय चाहर,जगदीश प्रसाद,श्याम बिहारी,महेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।

Exit mobile version