मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने के बीच केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने लोगों को सतर्क रहने, बचाव के जरूरी उपाय अपनाने और लक्षण दिखने पर समय पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की है। ये बीमारियां काफी हद तक रोकी जा सकती हैं, लेकिन मानसून के दौरान इनके मामले बढ़ने से गंभीर बीमारी के साथ परिवारों पर अचानक इलाज का खर्च भी बढ़ सकता है।

देश में मानसून के पीक सीजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभागों ने मौसमी बीमारियों के संभावित प्रकोप से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बीमारी की निगरानी मजबूत करने, मच्छरों की रोकथाम, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को तैयार रखने की सलाह दी है। इसके साथ ही अस्पताल भी मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में पर्याप्त बेड, दवाइयों, जांच सुविधाओं, ब्लड और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी कर रहे हैं।

अचानक होने वाली बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी परिवारों पर आर्थिक दबाव डाल सकती है। इसे देखते हुए केयर हेल्थ इंश्योरेंस ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  1. घर और आसपास नियमित रूप से जांच करें और कूलर, बाल्टी, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियों और दूसरे कंटेनरों में जमा पानी को हटा दें। ऐसी जगहों पर मच्छर आसानी से पनप सकते हैं।
  2. मच्छर भगाने वाली क्रीम या अन्य रिपेलेंट का इस्तेमाल करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और घर में मच्छररोधी जाली या मच्छरदानी लगाएं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खास सावधानी बरतें।
  3. लगातार बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान होने या मच्छर जनित रोगों से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचें और डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज का पूरा कोर्स करें।
  4. पर्याप्त मात्रा में पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें और रिकवरी के दौरान डॉक्टर की सलाह का पालन करें। इससे शरीर में पानी की कमी से बचने और जटिलताओं का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
  5. अपने हेल्थ इंश्योरेंस कवर की नियमित रूप से समीक्षा करें, ताकि इलाज या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में आर्थिक बोझ कम किया जा सके। आज कई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में ‘डॉक्टर ऑन कॉल’ जैसी वर्चुअल कंसल्टेशन सुविधाएं भी मिलती हैं, जो बीमारी के लक्षण दिखने पर शुरुआती सलाह लेने में मददगार हो सकती हैं।
  6. प्रत्येक मच्छर-जनित बीमारी में अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। कई मामलों में डॉक्टर की सलाह, दवाइयों और सही ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल का पालन करते हुए घर पर भी इलाज किया जा सकता है।

केयर हेल्थ इंश्योरेंस बीमारी से बचाव और समय पर इलाज के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रतिबद्ध है। जागरूकता, बीमारी की शुरुआती पहचान और सामान्य सावधानियां मच्छर जनित बीमारियों के असर को कम करने और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।