– मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय की सामाजिक दायित्व निर्वहन में अग्रणी भूमिका

– माननीय उच्च शिक्षा मंत्री के अपील पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह ने सामजिक दायित्व को निभाते हुए कोविड संकट से निपटने के बढाया मदद का हाथ, प्रदेश में कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु राज्यपाल राहत कोष में एक करोड़ ग्यारह लाख की राशि प्रदान की

– कुलपति प्रो.अमेरिका सिंह के प्रयास से राज.प्रदेश के कई असंख्य नागरिक होंगे कोरोना वेक्सिनेशन से लाभान्वित

उदयपुर-जयपुर, ।प्रदेश में प्रथम बार राज्य पोषित विश्वविद्यालयों में से सर्वाधिक एक करोड़ ग्यारह लाख रुपये की राशि कोरोना पीड़ितों की मदद के रुप में देकर प्रो. अमेरिका सिंह ने प्रदेश स्तर पर सामुदायिक सेंवा की मिसाल कायम की है। उनका यह सहयोग अब टीकाकरण के लिए इंतजार कर रहे हैं असंख्य लोगो के लिए खुशी की सौगात लेकर आया है। प्रो.सिंह दुवारा राज्यपाल राहत कोष में दिए एक करोड़ ग्यारह लाख रुपये की इस सहयोग राशि को राजभवन-राज्यपाल सचिवालय ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए प्रदान की है। जिसका प्रयोग माननीय मुख्यमंत्री द्वारा जन हितार्थ चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को सार्थक बनाने में किया जाएगा। सम्पूर्ण प्रदेश में फ़ैली भयावय कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए अपने मानवीय और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के साथ माननीय उच्च शिक्षा मंत्री श्री भंवर सिंह भाटी की अपील पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह आगे आए और उन्होंने ‘यूनिवर्सिटी सोशल रिस्पांसिबिलिटी’ के माध्यम से प्रदेश में कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु यह सहायता राशि प्रदान की है। सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में अग्रणी कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह के इस नवाचार ने प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने कहा की कोरोना काल में विश्वविद्यालयों की सामजिक दायित्वों की भूमिका को बल मिला है, यह समय है की प्रदेश के विश्वविद्याल मानव सेंवा के कार्य में आगे आए और अपनी सार्थक भूमिका का निर्वाह करें। सेवा परमो धर्म है एवं हमारा सौभाग्य है कि सुविवि द्वारा द्वारा मानव सेंवा के निमित्त दी गयी यह सहायता राशि हमारे कोरोना पीड़ित भाई बहनों के मदद हेतु काम आएगी। इस हेतु मैं हमारे कुलाधिपति एवं राज्यपाल महोदय माननीय श्री कलराजजी मिश्र का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। प्रो. सिंह ने कहा की सामाजिक समरसता हमारी भारतीय संस्कृति की अटूट परम्परा रही है, हमारे विश्वविद्यालय शिक्षा और संस्कृति के अभिरक्षक हैं किसी भी विपदा का हमने एकता, धैर्य और आपसी सहयोग के साथ दृढ़ता पूर्वक सामना किया है, आज एक बार पुन: हम सभी को एकजुट होकर इस वैश्विक महामारी का सामना करना है और विश्वविद्यालय अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभा कर इस परिस्थति से उबरने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। समय आ गया है की प्रदेश के विश्वविद्यालय सशक्त स्तम्भ के रूप में एक साथ खड़े होकर प्रदेश के कोरोना पीड़ित हमारे भाई-बहनों की मदद के लिए आगे आए। वर्तमान समय में हमें समाज के प्रति अपने योगदान को समझाना होगा ताकि राजस्थान प्रदेश का उच्च शिक्षा जगत कोरोना महामारी की रोकथाम में अपना योगदान दे सके।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थी हितों की प्रतिबद्धता की प्राथमिकता के साथ सुखाड़िया विश्वविद्यालय दुवारा कोरोनाकल में भी ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को निर्बाध रूप से जारी रखा गया साथ ही समय पर घोषित परीक्षा परिणामों दुवारा असंख्य विद्यार्थी लाभान्वित हुए। विधार्थियों का अध्ययन-अध्यापन प्रभावित न हो इसलिए कुलपति के निर्देशन में टास्क फ़ोर्स बना कर अकादमिक व्यवस्थाओ को सुचारू किया गया। कोरोना काल में विधार्थियों के अकादमिक उन्नयन के लिए अन्य संस्थाओ के साथ एमओयू किए गए ताकि विधार्थी अकादमिक नवाचारो से लाभान्वित हो सके। शिक्षण शुल्क में 15 प्रतिशत के छूट देकर विधार्थियों को राहत प्रदान की गई व 150 विधार्थियों की फीस माफ़ की गई।अकादमिक उत्कृष्टता को बनाए रखते हुए विभिन्न उपयोगी एवं रचनात्मक शिक्षण गतिविधियो का ऑनलाइन संचालन किए गया। शैक्षणिक संवर्धन हेतु विषय विषेज्ञयों के मार्गदर्शन में विधार्थियों हेतु राष्ट्रिय वेबीनार्स का आयोजन किया गया। कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु विभिन्न सामाजिक संस्थाओ के सहयोग से 3 वैक्सीनेशन कैम्पस का आयोजन किया गया जिसके असंख्य नागरिको को लाभान्वित किया गया। सुखाड़िया विश्वविद्यालय के सम्बद्ध महाविद्यालयों के सहयोग से उदयपुर, सिरोही, राजसमन्द व चित्तोड़गढ़ के सुदूर आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में 1.50 लाख मास्क और सेनेटाइजर का वितरण किया गया साथ ही निर्धन ग्रामीण आदिवासी में 5000 साड़ियो व वस्त्रो का वितरण किया गया जो वर्तमान में निरंतर जारी है। सुखाड़िया विश्वविद्यालय में कोविड सेंटर बनाने हेतु जिला प्रसाशन उदयपुर को प्रस्ताव दिया गया। कोविड महामारी से जुड़े मुद्दों पर सम्बद्ध महाविधालयों के माध्यम से आमजन में जागरूकता और सजगता लाने हेतु आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों सामाजिक अभियान चलाया गया। कुलपति अमेरिका सिंह दुवारा स्वयं 5 बार अभिभावकों और 12 बार 190 सम्बद्ध महाविधालयों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर इस समस्या को सुना व विचार विमर्श कर उनका समाधान किया गया।

एनएसएस, एनसीसी, स्काउट, रेड रीबीन क्लब व अन्य सामाजिक संस्थाओ के सहयोग से विश्वविद्यालय दुवारा गोद लिए गए निकतम धर ग्राम में 2 बार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन एवं राशन, फल, सेनेटाइजर का ग्रामीणों में वितरण किया गया। धर ग्राम में स्थानीय आदिवासीयों में कोरोना संक्रमण कर प्रति जागरूकता उत्त्पन्न करने के लिए जागरूकता अभियान, शिविर व सोशियल एवं हेल्थ काउंसलिंग कार्यक्रमों का कुलपति के निर्देशन में सफल आयोजन किया गया। विश्वविध्यालय की टीम दुवारा निरंतर ग्रामीण क्षेत्रों भ्रमण कर इसका प्रचार-प्रसार किया गया। मुख्य रूप से विधार्थियों को सामाजिक दायित्वों के प्रति सक्रिय करने हेतु इस इन सभी सामाजिक अभियानों में उन्हें जोड़ कर समाज के प्रति उनके कर्तव्यो के अवगत कराया गया । कोरोना संक्रमण के प्रति आम जन में जागरूकता लाने हेतु कुलपति प्रो. सिंह दुवारा मेवाड संभाग की सामाजिक संस्थाओ और 190 महाविद्यालयों से वार्ता आकर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन कर इस सामाजिक अभियान को चलाया गया जिसे ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामीणों दुवारा काफी सराहा गया साथ ही कुलपति प्रो. सिंह दुवारा स्वयं व्यक्तिगत रूप इस सभी कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए उक्त अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया।