– सख्ती से पहले सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, धर्मगुरुओं- एनजीओ से भी होगी चर्चा*

– आज शाम 4.30 बजे से हो सकता है ओपन संवाद, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थलों और स्कूलों पर रोक लगाने को लेकर होगा संवाद, आज रात जारी होगी नई गाइड लाइन

जयपुर। प्रदेश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के लगातार बढ़ते मामलों ने राज्य की गहलोत सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। नए साल के पहले दिन शनिवार को भी 192 केस आने के बाद सरकार में हड़कंप मच गया है। वहीं धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक स्थलों पर सख्ती बरतने से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज शाम 4.30 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है।

बैठक में धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों और एनजीओ से जुड़े लोगों की बैठक बुलाई है। शाम 4.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों और एनजीओ से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ ओपन संवाद करेंगे। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर ओपन संवाद बैठक लाइव रहेगी।

धार्मिक स्थलों-सार्वजनिक स्थलों पर रोक संभव
सूत्रों की माने तो ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार धार्मिक स्थलों और और सार्वजनिक स्थलों पर रोक लगाने की तैयारी में है। लेकिन रोक लगाने से पहले सरकार सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से चर्चा करना चाहती है और उनके सुझावों के बाद ही कोई फैसला लेगी। हालांकि अंदर खाने चर्चा यही है कि धार्मिक स्थलों को या तो पूरी तरह से बंद किया जा सकता है या फिर श्रद्धालुओं और इबादत करने वाले लोगों की संख्या सीमित की जा सकती है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर भी सरकार सख्ती बरतने के मूड में है।

इसके लिए सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी आज सरकार ओपन संवाद करेगी और उनके सुझाव लेगी। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ओपन संवाद के सामाजिक संगठनों और एनजीओ के प्रतिनिधियों से भी राय लेकर उनके सुझावों पर अमल करेगी और उसके बाद ही कोई फैसला लेगी।

आज रात जारी होगी नई गाइडलाइन
सूत्रों की माने तो सामाजिक संगठन धार्मिक संगठनों की बैठक के साथ बैठक के बाद सरकार की ओर से नई गाइडलाइन जारी की जाएगी, जिसमें कई तरह की पाबंदी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर सार्वजनिक स्थलों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों को लेकर सरकार कुछ कड़े फैसले ले सकती है।

नए साल के जश्न की छुट देने बढ़ा दिए मामले
सियासी गलियारों में अंदरखाने चर्चा है कि सरकार की ओर से नए साल के जश्न की छूट देने के बाद ही कोरोना के मामलों में तेजी से ग्राफ बढ़ा है। दऱअसल कई राज्यों के पर्यटक नए साल का जश्न मनाने जयपुर आए थे जिसके बाद ही जयपुर में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। नए साल के पहले दिन शनिवार को भी 192 केस सामने आए हैं जिसने अब सरकार की नींद उड़ा कर रख दी है।