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कोरोना वायरस ने इतना कहर मचाया है की होली, रंग फीके रहने की संभावनाएं बढ़ गई

भारत सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है, जिसके मद्दे नजर भारत के त्योहारों में बड़ा त्यौहार होली जो कुछ दिनों में आने वाला है, उसके फीके रहने की संभावनाएं बढ़ गई है। होली के पर्व में महज कुछ दिन बचे हैं। इस बार चीन में कोरोना वायरस ने इतना कहर मचाया है की वहां से सभी प्रकार की सप्लाई बंद हो गई है। ऐसे में लोगों को इस बार बाजार में चाइना की पिचकारी नजर नहीं आएगी। इसका परिणाम यह है कि जनवरी माह से त्यौहार के माल की आपूर्ति नहीं होने से दामों में 25 फीसदी की बढ़ौत्तरी हो चुकी है।
दुकानदार अर्शदीप कुमार सोहनलाल मदन कुमार मंगल सिंह अमरजीत सिंह आदि मान रहे हैं कि स्वदेशी सामान इस बार अधिक दिखेगा, लेकिन यह अधिक महंगा होने के कारण बाजार पर भी असर पड़ेगा और साथ ही त्यौहार आते-आते किल्लत और बढ़ेगी। दुकानदार चाइना से मिलने वाली सामग्री पर ही निर्भर होते हैं। लेकिन इस बार कोरोना वायरस का कहर चाइना में होने के कारण वहां से किसी प्रकार का सामान भी नहीं आ रहा है। होली के त्यौहार पर भारत में चीन के उत्पादों की धूम रहती है। मुख्य रूप से मैजिक वैलून, पिचकारी, पानी का कैप्सूल, सभी चीन से आते हैं। दिल्ली में यह सामान चीन से आता है। दुकानदारों का कथन है कि दिसंबर माह तक सामान आया था।

जनवरी माह में सामान नहीं मिल पाया है। अब भारतीय सामान की मांग बढ़ेगी। वह और महंगा हो जाएगा। दुकानदार पंकज गुप्ता का कहना है कि व्यापारियों का होली पर्व चाइना पर ही आधारित होता है। हमारे पास कुछ माला पड़ा था। लेकिन कुछ दुकानदार पहले ही खरीद ले गए। अब तो हमने इंडिया का सामान मंगवा लिया है। इससे पहले चाइना की पिचकारी अधिक लोग खरीदते थे। इसका मुख्य कारण ये सस्ती होती है। लेकिन भारत का सामान महंगा मिलता है। इस कारण लोगों का ध्यान भी अधिक नहीं जाता। मेरा तो यही कहना है कि हमें इंडिया के सामान का प्रयोग करना चाहिए।

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