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खेतों में बिछी ओलों की चादर, रूक-रूककर बरसात व ओले गिरे, बढ़ी किसानों की चिंता

जयपुर /झुंझुनू अंचल में शनिवार को बदले मौसम के मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। दिन में तेज धूप के बाद शाम को करीब चार बजे बाद घने काले बादल छाए और तेज गर्जना होने लगी। शाम करीब साढ़े चार बजे झुंझुनूं जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण अंचल में तेज गर्जना के साथ बरसात के साथ-साथ ओले गिरने शुरू हुए और रूक-रूककर कभी चने तो कभी चने से बड़े आकार के ओले गिरते रहे। सबसे ज्यादा ओले अलसीसर-मलसीसर, मंडावा, बिसाऊ, रिजाणी, नांद, अणगासर, शेखसर समेत कई गांवों में बरसात के साथ गिरे ओलों की सफेद चादर बिछ गई।जिन इलाकों में केवल बरसात हुई हैं, वहां पर फसलों को फायदा हुआ है और जहां ओले ज्यादा गिरे हैं वहां पर सबसे ज्यादा नुकसान अगेती सरसों में बताया जा रहा है।

शेखसर में ओलों से अटे रेतीले धोरें बिसाऊ. गांव शेखसर में ओलावृष्टि से कुछ ही मिनट में रेतीले धोरे ओलों से अट गए। ओले गिरने के कारण चना, गेहूं, सरसों तथा जौ की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। सीकर में सुबह से मौसम खुला रहा। दोपहर में तेज धूप के कारण राजमार्गों पर मृग मरीचिका नजर आने लगी है। दोपहर बाद बादलों की लुकाछिपी के बीच हवाएं चलने से बारिश का मौसम बन गया। किसानों को बरसात की संभावना ने चिंतित कर दिया। फतेहपुर कृषि अनुसंधान केन्द्र पर अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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