राजधानी जयपुर के प्रतिष्ठित कला संस्था जवाहर कला केन्द्र की “सुकृति कला दीर्घा” में भगवान गणेश और श्रीकृष्ण के जीवन और स्वरूपों पर आधारित एक भव्य चित्र प्रदर्शनी का शानदार आगाज हुआ। इस कला प्रदर्शनी का आयोजन “अतिशय कलित संस्थान” द्वारा किया गया है, दो दिवसीय प्रदर्शनी 12 और 13 सितंबर 2026 तक रहेगी।
प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन महाराजा कॉलेज की प्रधानाचार्य “प्रोफेसर सरीना कालिया“ के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य लोग और कला प्रेमी उपस्थित रहे।
प्रो. सरीना कालिया ने नन्हीं चित्रकार रोहिता शर्मा से चित्र सृजन के बारे में चर्चा की तो रोहिता ने कहा कि “मेरा कोई भाई नहीं है, इसलिए मैं श्रीकृष्णजी को ही अपना भाई मानती हूँ और जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी के अवसर पर ये चित्र बनाएं, श्रीकृष्णजी मुझे बहुत अच्छे लगते है।” 10 वर्षीय रोहिता 5वीं कक्षा की छात्र है।
इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें भगवान गणेश और श्रीकृष्ण के स्वरूपों को किसी एक शैली में नहीं बांधा गया है। देश भर के विभिन्न कलाकारों ने अपनी अद्भुत सृजनात्मक शैली का परिचय देते हुए इन दोनों देवताओं को विभिन्न माध्यमों और रूपाकारों में कैनवास व पेपर पर उकेरा है।
कला दीर्घा में कुल 75 सृजनात्मक चित्र प्रदर्शित किए गए हैं जिनमें कुछ जाने माने चित्रकार हैं – दीप्ति ढुकिया, नंदिनी सोनी, रेणु विजय सिंह, सोनिका मित्तल, रीना तोमर, दीप्ति चौधरी, नीतू आहूजा, अंजलि, चांदनी गुप्ता, कामना धूत, डॉ. सविता वर्मा, रानू पालीवाल, मधु कवर, ऋतु पांडे, हरपीत सिंह, श्रीहीरालाल, सुरेश गोठवाल, अनिल कारोल और सबसे महत्वपूर्ण बाल कलाकारों के भी चित्र प्रदर्शित हुए जिनमें जियान तोतला, इशांत, रिया पारीक, रोहिता शर्मा, आरव पाण्डे, ध्रुव रस्तोगी, कायरा माथुर, मनसवी, आदि कुलकर्णी और अन्य चित्रकार जिन्होंने हर एक चित्र में भगवान गजानन की भव्यता और कान्हा की मनमोहक लीलाओं को बहुत ही बारीकी और खूबसूरती के साथ चित्रित किया है। यह प्रदर्शित चित्र पूरी कला दीर्घा को सुशोभित कर रहे हैं और दर्शकों को एक अलग ही आध्यात्मिक और कलात्मक दुनिया का अहसास करा रही हैं।
इस प्रदर्शनी का आयोजन कलाविद डॉ. रीटा प्रताप ने राज्य के चित्रकारों को इस प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित कर इस भव्य समूह प्रदर्शनी का आयोजन किया।
संदीप सुमहेन्द्र
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