राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अप्रेल से जुलाई तक की स्वीकृति जारी
जयपुर, 31 मार्च। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में आगामी गर्मियों के सीजन के लिए प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल परिवहन (टीओडब्ल्यू-ट्रांसपोर्टेशन ऑफ वाटर) की व्यवस्था के लिए अप्रेल 2020 से जुलाई 2020 की अवधि के लिए 6512.93 लाख रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। इसमें से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 4112.46 लाख तथा शहरी इलाकों के लिए 2400.47 लाख की स्वीकृति शामिल है। जलदाय मंत्री तथा नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. डी. कल्ला, विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं वित्त कमेटी के चेयरमैन श्री राजेश् यादव एवं वित्त विभाग के स्तर से अनुमोदन के बाद मुख्य अभियंता (शहरी एवं एनआरडब्ल्यू) तथा मुख्य अभियंता (ग्रामीण) की ओर से प्रदेश में जल परिवहन के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं।
श्री चौहान ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 11 कस्बों/शहरों में जल परिवहन हो रहा है। गर्मियों के सीजन के लिए फील्ड अधिकारियों द्वारा शहरी क्षेत्रों के लिए 134 शहर/कस्बों के प्रस्ताव भेजे गए है। उनके आधार पर ये स्वीकृतियां जारी की गई है। इन सभी 134 शहरों में जल परिवहन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, फील्ड अधिकारियों द्वारा ये प्रस्ताव विकटतम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, जिसमें मानसून के आगमन में सम्भावित देरी, गर्मियों के दौरान टेल-एंड में प्रेशर की सम्भावित समस्या एवं जल स्रोतों के सूखने जैसी सम्भावनाएं शामिल है।
श्री मीना ने बताया कि वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों प्रदेश के 229 हैबीटेशंस में जल परिवहन हो रहा है। आगामी गर्मियों के लिए फील्ड से अधिकारियों द्वारा माहवार आंकलन के अनुसार 14 हजार 332 हैबीटेशंस (6 हजार 672 गांव एवं 7 हजार 662 ढाणियों) के लिए जल परिवहन कार्यों के लिए प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर ये स्वीकृतियां जारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी फील्ड के अधिकारियों द्वारा ये प्रस्ताव विकटतम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए है। ग्रामीण क्षेत्र की इन सभी आबादियों में जल परिवहन की आवश्यकता नही पड़ेगी, कुछ हैबीटेशंस में प्रस्तावित मात्रा से कम जल परिवहन की आवश्यकता रहेगी।
जिलों मे सभी उपखण्डों पर एसडीएम की अध्यक्षता में सम्बंधित क्षेत्र में जल परिवहन के लिए स्थान तथा कितनी मात्रा में जलापूर्ति की जानी है, यह तय करने के लिए समितियों का गठन होगा। इनमें जलदाय विभाग के सहायक अभियंता इसके सदस्य सचिव होंगे। कमेटी में सम्बंधित क्षेत्र के विकास अधिकारी और तहसीलदार भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से सभी जिलों में कार्यरत अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को अप्रेल से जुलाई माह के लिए जारी इस राशि का उपयोग इस सम्बंध में जारी की गई गाइडलांइस एवं नियमों की पालना करते हुए करने के निर्देश प्रदान किए गए हैं। जिलों में विभाग के सभी अधिकारी जल परिवहन से सम्बंधित प्रगति की सूचना समय-समय पर जिला कलक्टर को प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा जिलों से जल परिवहन से सम्बंधित साप्ताहिक सूचना जलदाय विभाग की वेबसाईट पर इंफोर्मेशन सिस्टम पर भी नियमित रूप से अपलोड करनी होगी।गर्मियों में प्रदेश में जल परिवहन के लिए खर्च होंगे 6512.93 लाख रुपये