पीजीआईएमएस में गुरू नानक देव जयंती बड़े स्तर पर धूमधाम से मनाई
ओपीडी में डेंटल हैल्थ चैकअप कैंप व रक्तदान शिविर लगाया
रोहतक, 11 नवम्बर। पंड़ित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में सोमवार को गुरू नानक देव जयंती काफी बड़े स्तर पर धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यअतिथि के रूप में कुलपति डॉ. ओ.पी. कालरा उपस्थित हुए। मंच का संचालन डॉ. वरूण अरोड़ा व डॉ. हरनीत सिंह ने किया।
प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी के दिशा-निर्देशन में ओपीडी में एक डेंटल हैल्थ चैकअप कैंप लगाया गया, जहां करीब 100 से अधिक मरीजों के दांतों की जांच की गई।
गुरू नानक देव जयंति के उपलक्ष्य में सबसे पहले सुबह चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कुलपति डॉ. ओ.पी.कालरा ने शिविर का रिब्बन काटकर शुभारंभ किया।
कुलपति ने कहा कि एक बार उनकी फ्लाईट की कंफर्म टिकट कैंसल हो गई तो वें गुरूदवारे में जाकर रूके तो उन्हें वहां आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई और उनके शरीर में सकारात्मक उर्जा का संचार हुआ।
डॉ. हरनीत सिंह ने बताया कि इसके बाद लैक्चर थियेटर पांच में शब्द कीर्तन किया गया। साथ ही प्रभात फेरी, अखंड पाठ, लंगर का भी आयोजन किया गया। गुरुनानक के जीवन पर प्रकाश डालते हुए डॉ. हरनीत सिंह ने कहा कि गुरुनानक देव का जन्म 1469 ईं.वी. में तलबंडी पाकिस्तान में हुआ था। इनके पिता का नाम कल्यान राम था। उन्होंने बगदाद, इराक, इरान,श्रीलंका, मक्का मदीना की पदयात्रा की। जहां सिर्फ मानवता और आपसी भाईचारा एकता का संदेश दिया था।
डॉ. हरनीत सिंह ने कहा कि उन्होंने पीजीआईएमएस के इतिहास में यह पहली बार देखा है कि इस प्रकार लंगर में कुलपति से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक एक साथ जमीन पर बैठकर खाना खा रहे हैं।
निदेशक डॉ. रोहताश यादव ने कहा कि गुरू नानक देव ने हमेशा समाज की भलाई का कार्य किया, उन्होंने तो व्यापार के लिए मिले पैसे भी गरीबों तथा साधुओं में दान कर दिए। डीन छात्र कल्याण डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने गुरूनानक देव जी से प्रेरित होकर ही पंजाबी सिखी।
डॉ. वरूण अरोड़ा ने बताया कि गुरू नानक देव के प्रति चिकित्सकों व छात्रों की इतनी श्रद्वा है, जो आज वें यहां इतनी अधिक संख्या में उपस्थित हुए।
सर्वजन कल्याण समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र जाखड़ ने बताया कि उनकी समिति द्वारा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से यह कैंप लगाया गया था, जिसमें 201 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। उन्होंने बताया कि रक्तदाताओं को कुलपति डॉ. ओ. पी. कालरा, कुलसचिव डॉ. एच.के. अग्रवाल, निदेशक डॉ. रोहताश यादव द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।