
नई दिल्ली। 9 जुलाई। गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन में गिरफ्तार। अभी महाकाल मंदिर में दर्शन करके निकल रहा था कि पुलिस ने उसे धर दबोचा। जहां योगी आदित्यनाथ सरकार ने उसके सिर पर रखे इनाम की राशि बढ़ाकर 5 लाख तक कर दी थी और 300 टीमें एसटीएफ की देख-रेख में उसका पीछा कर रही थी, वहीं विपक्ष ने भी इसकी गहन जांच की मांग की थी. उनके सभी साथियों के पोस्टर जारी हो चुके हैं और विकास दुबे के परिवार ने उससे किनारा कर लिया है.
गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) के जुर्म की दुनिया में कदम रखने का संबंध अभिनेता सनी देओल की 1999 में आई फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ से भी है. फिल्म से प्रेरित होकर दुबे, विकास पंडित बन गया और राजनीतिक महकमों और पुलिसकर्मियों के बीच भी ‘पंडित’ के रूप में जाना जाने लगा.
उसे जानने वाले स्थानीय पत्रकार ने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि विकास को पंडित कहलाना बहुत पसंद था. बॉलीवुड थ्रिलर हालांकि कई मामलों में बहुत अलग है. फिल्म में अर्जुन (सनी देओल) एक ताकतवर व्यक्ति के हाथों की कठपुतली बन जाता है और खुद के द्वारा देखे गए एक अपराध के बारे में चुप रहता है. वह निशा नाम की लड़की के प्यार में पड़ता है और उससे धोखा खाने के बाद एक बेरहम गैंगस्टर बन जाता है.
उसके तौर-तरीकों से वाकिफ कुछ स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि फरार चल रहे विकास दुबे ने इस फिल्म को सैकड़ों बार देखा था. यहां तक कि वह अपने शिकार लोगों के सामने भी खुद को केवल पंडित के रूप में पेश करता था. तीन जून को कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद दुबे सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के लिए अब अछूत सा बन गया है.
गैंगस्टर विकास दुबे, 8 पुलिस की हत्या में वांछित, गिरफ्तार
गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन में पकड़ा गया था, उसी समय उत्तर प्रदेश में अलग-अलग मुठभेड़ों में उनके दो सहयोगी मारे गए थे
मध्य प्रदेश में पिछले सप्ताह आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर विकास दुबे को तीन राज्यों में पुलिस द्वारा लगभग एक सप्ताह तक पीछा करने के बाद गिरफ्तार किया गया है।
विकास दुबे को उज्जैन में पकड़ा गया था, उसी समय यूपी में अलग-अलग मुठभेड़ों में उनके दो सहयोगी मारे गए थे। उनके सबसे करीबी सहयोगी, अमन दुबे, कल मारे गए थे।
शुक्रवार को कानपुर के चौबेपुर इलाके के बिकरू गाँव में एक बड़ी टीम में शामिल होने गए विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई।
दुबे – हत्या, अपहरण, जबरन वसूली और दंगाई सहित 60 आपराधिक मामलों में आरोपित था । स्थानीय पुलिसकर्मियों द्वारा छापेमारी के लिए कथित रूप से सतर्क किया गया था।
शुक्रवार की नरसंहार के बाद कुख्यात गैंगस्टर फरार हो गया। बड़े पैमाने पर शिकार शुरू किया गया था और उस पर इनाम 5 लाख रुपये तक बढ़ाया गया था।