बीकानेर, 22 सितम्बर। देश के छह राज्यों के प्रसार कार्यकर्ताओं ने रविवार को केन्द्रीय अश्व एवं केन्द्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्रों का भ्रमण किया। इन्होंने दोनों केन्द्रों पर चल रहे अनुसंधान कार्यों को देखा तथा खासकर ऊंटनी के दूध की उपयोगिता के बारे में जानकारी हासिल की। उल्लेखनीय है कि स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास निदेशालय द्वारा ‘मूंगफली फसल में अग्रिम प्रबंधन क्रियाएं’ विषयक आठ दिवसीय प्रशिक्षण 19 सितम्बर से चल रहा है।
छह राज्यों के प्रसार कार्यकर्ताओं ने जानी ऊंटनी के दूध की उपयोगिता

