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जयपुर हाईकोर्ट पीठ में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच उत्साह पूर्वक मनाया गया 46 वा स्थापना दिवस


नई दिल्ली,(दिनेश शर्मा “अधिकमरी)। राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के अधिवक्ताओं ने सांस्कृतिक संध्या के साथ उल्लास पूर्वक माहौल में मनाया गया 46 वा स्थापना दिवस। इस अवसर पर जयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवनेश शर्मा ने बताया कि जयपुर बेंच का गठन 31 जनवरी 1977 को होने के उपलक्ष में मनाया जाने वाला यह स्थापना दिवस न्याय की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है। इससे जयपुर, करौली, अलवर, भरतपुर ,दौसा, सीकर ,झुंझुनू सहित अनेक जिले के अधिवक्ताओं को अपने मुवक्किल को न्याय दिलाने के लिए अब जोधपुर नहीं जाना पड़ता। आमजन के लिए समय और धन की दोनों की बचत है साथ ही इस क्षेत्र के लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में यह उचित कदम है। स्थापना दिवस के सांस्कृतिक आयोजनों के बीच न्यायाधीशों की गरिमामय उपस्थिति ने अधिवक्ताओं के माहौल को और भी जोशीला बना दिया। इस अवसर पर न्यायधीश अशोक गौड, न्यायधीश महेंद्र गोयल, न्यायधीश एनएस ढड्डा, फरजंद अली, न्यायाधीश सुदेश बंसल सहित अनेक न्यायाधीशों की गरिमामय उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि ना कोई विशिष्ट अतिथि, ना कोई मुख्य अतिथि सभी कार्यक्रमों का संचालन से लेकर कॉविड प्रोटोकॉल की पालना तक प्रत्येक जिम्मेदारी अधिवक्ताओं के द्वारा स्वयं निभाई गई। साथ ही इस अवसर पर अधिवक्ताओं की तरफ से बार एसोसिएशन अध्यक्ष भुवनेश शर्मा द्वारा यह भी मांग की गई की महामारी का दौर गत 2 सालों से चल रहा है ऐसी स्थिति में अधिवक्ताओं के सामने विशेषकर नए अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट भी आ गया है वर्चुअल सुनवाई के तकनीकी संसाधन एक नए अधिवक्ता के पास मौजूद न होने और नेटवर्क की उपलब्धता न होने से उचित सुनवाई न होने के कारण न्याय व्यवस्था को पुन: शीघ्र अति शीघ्र फिजिकल सुनवाई शुरू की जाए, जिससे आर्थिक रूप से जीवन स्तर सामान्य हो सके। मौजूदा समय में कॉविड महामारी से उतना नुकसान नहीं है जितना कॉविड के नाम से जो आमजन आर्थिक संकट झेल रहा है विशेषकर वो लोग जो रोजमर्रा के कामकाज से ही अपना जीवन यापन कर रहे हैं इस को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र फिजिकल सुनवाई करके अति शीघ्र न्याय व्यवस्था को सामान्य स्तर पर लाया जाए। मंच की गतिविधियों का संचालन महासचिव गिर्राज प्रसाद शर्मा की ओर से किया गया बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के अन्य सभी सदस्यों ने व्यवस्थाओं को संभालते हुए सुचारू रूप से व्यवस्थाओं का संचालन किया।

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