अकादमी की संरक्षक डॉ सरस्वती बिश्नोई ने बताया कि जाम्भाणी साहित्य अकादमी एक राष्ट्रीय स्तर की साहित्यिक संस्था है जिसका मुख्य उद्देश्य गुरु जम्भेश्वर जी की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करना है । गुरु जम्भेश्वर जी ने मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म माना था । गुरु जी ने 500 वर्ष पूर्व ही हमें पर्यावरण व जीव जन्तुओं की रक्षा और स्वच्छता का सन्देश दिया था । यदि विश्व ने गुरु जम्भेश्वर जी की शिक्षाओं को अपनाया होता तो ऐसी भयावह महामारी का सामना न करना पड़ता ।अकादमी अध्यक्ष स्वामी कृष्णनन्द आचार्य, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ बनवारी लाल साहू व महासचिव डॉ सुरेंद्र कुमार खीचड़ ने अपने सन्देश में कहा कि सभी के सहयोग से ही इस महामारी को परास्त किया जा सकता है । अकादमी उपाध्यक्ष डॉ इंद्रा बिश्नोई ने कहा कि अकादमी इस संकट की घड़ी में राष्ट्र के साथ खड़ी है । अकादमी अपने स्तर पर सोशल मीडिया आदि माध्यमों से जनता को कोरोना से बचाव के लिये जागरूक कर रही है । अकादमी सदस्य श्री राजाराम जी धारणिया ने आह्वान किया कि यह समय जरूरतमन्दों को सहयोग का है इसलिये सभी बढ़ चढ़कर सहयोग करे। अकादमी के विशेष आमन्त्रित सदस्य श्री देवेन्द्र बिश्नोई IPS ने जनता से अपील की कि सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें , यही इस समय सबसे बड़ा सहयोग है ।
इस अवसर पर अकादमी उपाध्यक्ष डॉ कृष्णलाल बिश्नोई ,सदस्य बी आर डेलू ,डॉ लालचन्द बिश्नोई ,श्री मोहनलाल लोहमरोड , श्रीमती तारा बिश्नोई, डॉ बी एल बिश्नोई,सोहनराम सिहागRPS, डॉ ओमप्रकाश भादू ,ओम बोला एडवोकेट ,हंसराज पटवारी, बुद्धराम सहारन ,शिवराज खीचड़ ,कृष्णलाल खीचड़ ,सोहनलाल ईशरवाल, डॉ हरिराम सियाग उपस्थित थे । सभी ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा कोरोनो से निपटने को लेकर किये जा रहे प्रयासों की सराहना की ।