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जिंदगी तेरे कितने रूप

संत फकीर की जिंदगी एक आलम भरी जिंदगी होती है बिल्कुल तनावमुक्त। उनका फकीराना अंदाज उन्हें जीवन में बहुत खुश मस्त अलमस्त और मगरूर बनाए रखता है। वह अपने जीवन में लोगों को अच्छी सुधु बुधु और उनकी मंगल कामना रखना ऐसा ही उनका कार्य है। इसीलिए वह आदरणीय बन गए। इतिहास गवाह है।
एक जिंदगी होती है ऐसे व्यक्ति की जिसको सिर्फ पैसा कमाना होता है चाहे इमानदारी या छल कपट जैसे भी हो उन्हें सिर्फ पैसे से मतलब। अपने फायदे के लिए किसी का भी नुकसान हो जाए तो उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
कुछ जिंदगी ऐसे व्यक्ति की होती है जिसे जुनून रहता है वह जुनून पढ़ाई का हो या कुछ क्रिएटिविटी का जिन्हें हम आर्टिस्ट या वैज्ञानिक भी कहते हैं। उनकी एक अलग ही दुनिया होती है उन्हें ऊंच-नीच अच्छाई बुराई, गरीबी अमीरी से कोई फर्क नहीं पड़ता वह अपनी दूरियां के बादशाह होते हैं। ऐसे लोग अधिकतर जनहित के लिए कार्य करते हैं।
कुछ जिंदगी इस प्रकार भी काटते हैं कि उनके पास पैसा तो नहीं होता पर दिल बहुत बड़ा होता है। प्यार मोहब्बत और इज्जत की दुनिया में जीते हैं और उसी के लिए अपना जीवन खपा लेते हैं।
ऐसी भी जिंदगी होती है जो अपने जीवन में पैसा खूब कमाते हैं और उसका खूब सदुपयोग भी करते हैं जरूरतमंद की सदेव सहायता करते हैं। धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक ओ कोई भी जानकारी हो वह सहायता के लिए पैसा खर्च कर देना नहीं चाहते हैं और वे समाज के सम्मानीय होते हैं ।

कुछ लोग इस प्रकार की जिंदगी में भी होते हैं कि वह पैसा तो खूब कमाते हैं पर बहुत ज्यादा कंजूस होते हैं वह पैसे का अपने जीवन में उपयोगी नहीं कर सकते वह एक तरह से चौकीदारी का काम करते हैं वह पैसा आने वाली पीढ़ी के लिए रह जाता है और कोई गारंटी नहीं कि वह उसका सदुपयोग करगे या उसे डूबा देंगे।
जिंदगी के कई प्रकार और भी होते हैं किसान रात दिन मेहनत करता है अपने ऊपर कभी खर्च नहीं करेगा पर साधु-संत आ जाए तो फिर देखो अब दिल खोलकर पैसा खर्च करेगा। छोटे दुकानदार कम आय में भी खुश रहते हैं। सोना चांदी हीरे मोती वाले लाखों-करोड़ों से खुश होते हैं। पर सबसे अमिर जिंदगी वह जीते हैं जिसके पास से भले ही ₹10 हो पर वह अपने परिवार के साथ जाकर पानी पतासे खा लेये है। जिंदगी में वह ज्यादा सुखी रहते हैं जो अपनी और परिवार की खुशी में पैसे को ना तोले, किसी से अपने आप को छोटा ना समझे और किसी से अपने आप को बड़ा ना माने।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद)

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