

– फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने का मामला
– राजसमंद पुलिस ने आरोपी शिक्षिका के बाद फर्जी डिग्री उपलब्ध कराने वाले प्रदीप को भी पकड़ा*
हनुमानगढ़. ।दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के मामले की जैसे-जैसे गहन जांच-पड़ताल की जा रही है, नए खुलासे हो रहे हैं। फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार शिक्षिका इंद्रा खुंगर निवासी टाउन से राजसमंद जिले की राजनगर थाना पुलिस पूछताछ में जुटी हुई है। आरोपी महिला ने अपने जीजा, बहन व एक अन्य की मदद से बीए की फर्जी डिग्री प्राप्त करने की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद 12 नवम्बर को राजनगर थाना पुलिस ने यहां आकर जांच की। इसके बाद 14 नवम्बर को पुलिस ने फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराने के आरोप में प्रदीप कुमार सहारण पुत्र रामदयाल सहारण निवासी संपतनगर, जंक्शन को गिरफ्तार कर लिया। उसने भी पुलिस पूछताछ में आरोपी शिक्षिका की बहन सुनीता भाटी तथा जीजा अधिवक्ता जोधा सिंह की मदद से फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है।
खास बात यह कि उसने ना केवल इंद्रा खुंगर बल्कि 20 से 25 लोगों को फर्जी डिग्रियां लाकर देना स्वीकारा है। इनमें से कुछ लोगों के तो पुलिस को नाम भी बता दिए हैं। आरोपी शिक्षिका इंद्रा खुंगर व उसके पति विकास नागपाल का जोधा सिंह से लम्बे समय से विवाद चल रहा है। इसके चलते दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कई मामले भी दर्ज करवा चुके हैं। इसी विवाद के चलते ही इंद्रा खुंगर के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने की शिकायत हुई। जांच के बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया। जीजा-साली के इस महाभारत में फर्जी डिग्रियों व मार्कशीट गिरोह का कच्चा चि_ा सामने आ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी कई और भी पुलिस के लपेटे में आ सकते हैं। यदि पुलिस इस प्रकरण की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आगे बढ़े तो इंद्रा खुंगर की तरह ही फर्जी दस्तावेजों से सरकारी नौकरी हासिल करने वाले कई अन्य लोगों की सच्चाई भी सामने आ सकती है।
– राजसमंद पुलिस कैसे
आरोपी महिला ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल कर राजसमंद जिले के सरकारी विद्यालय में ज्वाइन किया था। 28 अप्रेल 2021 को डीईओ प्रारंभिक मुख्यालय राजसमन्द सोहनलाल रेगर पुत्र चुन्नीलाल ने राजनगर पुलिस थाना में रिपोर्ट दी थी कि राबाउप्रावि पातुसरी, झुंझुनू की अध्यापिका इन्द्रा खुंगर की डिग्री एवं प्रमाण पत्रों की जांच की गई। सीएमजे यूनिवर्सिटी मेघालय की ओर से जारी स्नातक की तीनों वर्षों की अंक तालिकाएं फर्जी पाए गई। इस कारण जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय प्रारंभिक शिक्षा झुंझुनू की ओर से इन्द्रा खुंगर को राज्य सेवा से हटा दिया गया था। क्योंकि आरोपी शिक्षिका की प्रथम नियुक्ति आमेट के राउप्रावि मोडारडा का खेडा ग्राम पंचायत आगरिया, थाना आमेट जिला राजसमन्द में हुई थी। उसके मूल दस्तावेज जिला राजसमन्द में ही प्रस्तुत किए गए थे। अत: राजनगर थाने में मामला दर्ज कराया गया। शिक्षिका के नौकरी के दौरान बतौर तनख्वाह ली गई राशि के एवज में उससे करीब 2 लाख रुपए की रिकवरी की जा चुकी है।
– खुल रही फर्जीवाड़े की परतें
पूछताछ में आरोपी इन्द्रा खुंगर ने पुलिस को साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के तहत बताया कि उसे धोखे में रखकर बीए की फर्जी मार्कशीट उसके जीजा एडवोकेट जोधा सिंह तथा बहन सुनीता भाटी ने मिलकर प्रदीप कुमार सहारण पुत्र रामदयाल सहारण निवासी संपतनगर, जंक्शन से उपलब्ध कराई थी। आरोपियों ने चन्द्रमोहन झा यूनिवर्सिटी मेघालय की फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराई। इसके आधार पर पुलिस मामले की जांच करने 11 नवम्बर को इंद्रा खुंगर को लेकर टाउन आई थी तथा जांच पड़ताल की। पुलिस टीम ने आरोपी प्रदीप सहारण को 14 नवम्बर को सेक्टर 24 रोहिणी थाना बेगमपुर से गिरफ्तार किया।
*मिलता था कमीशन*
आरोपी प्रदीप सहारण ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वर्ष 2010 से 13 तक वह पायनियर क्लासेज के नाम से कोचिंग सेंटर हनुमानगढ़ जंक्शन में चलाता था। अधिवक्ता जोधा सिंह से दोस्ती थी। वह हनुमानगढ़ के आसपास के लोगों की फर्जी मार्कशीट 20-25 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक में बनवाता था। यह मार्कशीट सीएमजे यूनिवर्सिटी की होती थी। इस पर मुझे पांच से 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। वर्ष 2012 में जोधा सिंह व उसकी पत्नी सुनीता भाटी के कहने पर इन्द्रा खुंगर को 25 हजार रुपए में फर्जी मार्कशीट लाकर दी थी। आरोपी सहारण ने स्वीकार किया कि उसने व जोधा सिंह ने मिलकर करीब 20 से 25 लोगों को फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट दी।
– इनके बताए नाम
आरोपी प्रदीप सहारण ने पुलिस को बताया कि जिनको फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट दी, उनमें से कुछ के नाम याद हैं। इनमें गुरुतेज जट निवासी मक्कासर, विजय जाट निवासी श्रीगंगानगर, नवीन कुमार निवासी हाऊसिंग बोर्ड, जंक्शन, किरणदीप निवासी गांधीगनर व सुभाष पुत्र किशनलाल जाट निवासी रोडांवाली शामिल है।
