

झुंझनू (दिनेश शर्मा “अधिकारी “)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा आज मेगा विधिक चेतना शिविर का आयोजन सूचना केन्द्र, झुंझुनूं में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत डोर स्टेप काउंसलिंग के माध्यम से प्रकरणों के निस्तारण, प्रशासनिक विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ का वितरण, बाल विवाह रोकथाम कार्यक्रमो को आमजन तक जानकारी मे लाने का रहा । कार्यक्रम में उपस्थित जन को संबोधित करते हुए प्रधिकरण सचिव श्रीमती दीक्षा सूद ने कहा कि मैगा विधिक चेतना शिविर का मुख्य उद्देश्य आमजन में विधिक सेवा के आयामों की पहुंच सुनिश्चित करना है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य के अनुरूप विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा भी स्वयं में काफी परिवर्तन किए है। सोशल मीड़िया के माध्यम से आमजन तक पहुंच को सुचारू किया जा रहा है साथ ही सोशल मीड़िया तथा ऑनलाईन होने वाले अपराधों से कैसे बचा जा सकता है इसके संबंध में जागरूकता बढ़ाना भी आवश्यक है। झुंझुनूं जिले की शिक्षादर को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यहां आपराधिक मामलों में इतनी कमी है जो कि एक सकारात्मक पहलू है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत व प्रत्येक माह मासिक लोक अदालतों के माध्यम से अधिक से अधिक प्रकरणों के राजीनामे के आधार पर निस्तारण के प्रयास किए जाते है ताकि न्यायालयों में लंबित मामलों में कमी आ सके तथा आमजन को समझाईश के माध्यम से प्रकरण सुलझाये जा सके। इसी क्रम में दिनांक 12 नवंबर को झुंझुनूं न्यायक्षेत्र में “ चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत “ का आयोजन किया जा रहा है। इस लोक अदालत में अभिनव पहल करते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर द्वारा ऑनलाईन ‘‘न्याय रो सारथी’’ एप व ‘‘रालसा- 22’’ पॉर्टल लांच किया गया है। इन एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने प्रकरण जो कि वह लोक अदालत में समझौते के माध्यम से हल करवाना चाहता को दर्ज करवा सकता है। प्रकरण दर्ज होने के साथ ही संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को ऑनलाईन प्राप्त होंगी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उक्त प्रार्थना-पत्र को दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही हेतु बाध्य होंगे। इसी के साथ ‘‘रालसा- 22’’ पॉर्टल के माध्यम से प्रि-लिटिगेशन के समस्त प्रकरण ऑनलाईन दर्ज किए जावेंगे तथा ऑनलाईन व ऑफलाईन काउंसलिंग के माध्यम से कार्यवाही की जावेगी साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे जावेंगे। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों के निस्तारण हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा प्री-काउंसलिंग व डोर स्टेप काउंसलिंग करवायी जा रही है जिसमें धारा 138 एन.आई. एक्ट के ऐसे प्रकरण जिनमें 10 लाख तक राशि के विवाद है, उन्हे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं के कार्यालय में तथा दिनांक 06. से 08. नवंबर को न्याय आपके द्वार की अवधारणा पर पंचायत भवनों में डोर स्टेप काउंसलिंग करवायी जा रही है जिसमें आप अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर लाभ प्राप्त करें। इसी के साथ रालसा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झुंझुनूं द्वारा माह नवंबर, 2022 में वृहद स्तर पर बाल विवाह रोकथाम व बचपन बचाओ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के सहयोग से जिले को पूर्णतया बाल विवाह मुक्त बनाया जाना है। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन में अधिक से अधिक विधिक पहुंच को सुलभ बनाने हेतु ‘‘हक हमारा भी’’ अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान के विभिन्न आयाम है जिनमें जेल के बंदियों को सहायता, विधिक सेवा प्राधिकरणों द्वारा जिले में संस्थापित क्लिनिको के माध्यम से आमजन को विधिक सहायता व जागरूकता साथ ही प्रत्येक पंचायत समितियों पर आउटरीच टीमों के माध्यम से पहुंच बनायी जाकर जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन से आमजन को विधिक सेवा के आयामों से रूबरू करवाया जावेगा। इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री जे.पी.गौड़ द्वारा लोक अदालत की महत्ता बताते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी स्कीमों के धरातल पर पहुंच को सुनिश्चित करने के उपाय साझा किए। कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी हिमांशु सैनी द्वारा विभाग की स्कीमों के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में विप्लव न्यौला, उपनिदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, रामनिवास, ए.सी.ई.ओ., जिला परिषद व अन्य विभागों के अधिकारीगण तथा लाभार्थीगण उपस्थित रहे।
