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झुंझुनूं नगर परिषद पर लगा भेदभाव का आरोप,मुख्यमंत्री से जांच की गुहार

झुंझुनूं 5 अप्रेल ।(ओम स्वामी) जहा एक और राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बार बार आहवान करते है कि कोरोना जैसी इस माहमारी के संकट के दौरान किसी भी जरूरतमंद को खाध्य सामग्री से वंचित नही किया जायेगा। तथा बिना किसी भेदभाव के राशन सामग्री का वितरण घर घर तक पहुचाया जायेगा। लेकिन झुंझुनूं शहर में ऐसा नही हो रहा है।

ग़ैरजिमेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते गरीब पात्र लोगो तक राशन सामग्री के वितरण में भेदभाव का आरोप शहर के लोग लगा रहे है। मुख्यमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में लिखा गया है कि नगर परिषद को शहर में जरुरतमंदो को राशन सामग्री बाटने की जिम्मेदारी प्रसाशन ने सोपी। जहा पर कुछ पार्षदों द्वारा राशन सामग्री अपने चहेतों को दिलाये जाने का आरोप लगातार लग रहे है। ज्ञापन में लिखा गया है कि अधिकारियों की अनदेखी व पार्षदों की मिलीभगत से गरीबो के साथ जो अन्याय हो रहा हैं। उसे तुरंत प्रभाव से रोके जाने की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। मुख्यमंत्री को भेजे गये ज्ञापन में नागरिकों ने अपने नाम के आगे मोबाइल नं तक भी लिखे गये है। पत्र में लिखा है कि वार्डो में राशन वितरण के लिए एक समिति का गठन होना जरूरी है।

जिसमे हारे हुए पार्षद व वार्ड के गणमान्य सदस्य को शामिल किया जाये। जिससे जरूरमन्दों को समय पर राशन मिल सके। ज्ञापन में हारून,सब्बीर, याकूब अली,मोहमद खादिम,इमरान, मनवर, रफीक,सलीम, मोहम्मद हमीद,मंजूर,इमरान सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर व मोबाइल नंबर पत्र में अंकित किये गये है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ पार्षद अपने चहेतों को लाभ पहुचा रहे है। उनको वोट नही दिए उनको वंचित किया जाने का आरोप भी लगाये जा रहे हैं।

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