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डॉ कल्ला के बयान पर भाजपा का भारी विरोध

जयपुर, (ओम एक्सप्रेस ) देश में एक तरफ कोरोना महामारी का डर है तो दूसरी तरफ राजनेताओं के बोल लोगों के बीच भ्रम का माहौल फैला रहे हैं। कोरोना वायरस की महामारी के दौर में राजनेताओं ने भी खूब ज्ञान दिए। कोई गोमूत्र पान से , कोई पापड़ खाने से व थाली बजाने , टोर्च जलाने इत्यादि से कोरोना भगाने का दावा कर रहा था तो कोई दूसरी तरकीब बता रहा था। अब इसी सूची में गहलोत सरकार के जल और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला भी शामिल हो गए है।

राजस्थान के ऊर्जा और जल मंत्री बीडी कल्ला ने वैक्सीनेशन को लेकर नया ही ज्ञान दिया है। मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि आप लोगों को पता है कि वैक्सीन किसे लगाई जाती है। आज तक अपने देश में वैक्सीन तो बच्चों को ही लगती रही है, बुजुर्गों को वैक्सीन कहां लगती है। उन्होंने कहा कि कोरोना में भी सबसे पहले बच्चों को ही वैक्सीन लगाई जाती क्योंकि बच्चों को बचाना जरूरी होता है।

बीडी कल्ला ने कहा है- केंद्र सरकार की टीकाकरण की नीति गलत है । टीका सबसे पहले बच्चों की जगह बूढ़ों को लगाया जा रहा है , जबकि बूढ़े कह रहे हैं कि हम कोरोना से मर जाएं तो कोई बात नहीं लेकिन टीका हमारे पोते , बेटे को लगाइए , इनकी जिंदगी बचनी जरूरी है । ये उल्टा चल रहे हैं । बीडी कल्ला ने कहा- टीका सबसे पहले किसे लगाया जाता है ? बच्चों को लगाया जाता है । बच्चे अभी तक बचे हुए हैं । इन्होंने सबसे पहले बूढ़ों को टीका लगाया है । बूढे लोगों को मैंने खुद कहते सुना है कि मैं 80 साल का हो गया , 85 साल का हो गया हमारा क्या है , मेरे पोते को लगाओ , बेटे को लगाओ । इनकी जिंदगी बचानी जरूरी है , मैं मर जाऊंगा तो कोई बात नहीं है कोरोना से भावी पीढ़ी को बचाओ । उन्होंने वैक्सीनेशन पॉलिसी को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की वैक्सीन नीति गलत है। वैक्सीन आई तो सबसे पहले टीका बच्चों को लगाना चाहिए लेकिन मोदी सरकार ने ऐसा नहीं किया जिसकी वजह से सारी समस्या आई है।

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