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ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के विद्यार्थियों ने गुजरात में आयोजित कार्यशाला में दिया प्रशिक्षण, एमजीएसयू का किया प्रतिनिधित्व

विद्यार्थी अपनी सफलता से इसी तरह एमजीएसयू का परचम फहराते रहें: विनोद कुमार सिंह

बीकानेर की उस्ता कला को आगे बढ़ाने को एमजीएसयू के विद्यार्थी तैयार: डॉ. मेघना शर्मा

कला के विकास में प्रशिक्षण कार्यशालाएं महत्वपूर्ण : प्रो. राजाराम चोयल

बीकानेर (कविता कंवर राठौड़ ) मिनिस्ट्री ऑफ़ माइनॉरिटी अफेयर्स, भारत सरकार और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (NID), अहमदाबाद गुजरात के तत्वावधान में पारंपरिक कला विकास व प्रशिक्षण शिविर ‘उस्ताद’ में एमजीएसयू के 4 विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण देकर उस्ता (बीकानेर की सुनहरी कलम) के माध्यम से इस विधा को आगे बढ़ाया ।
ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग की सह प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि यह पंद्रह दिवसीय कार्यशाला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित हुई जिसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला और परंपरा को युवा पीढ़ी के माध्यम से, विरासत के रूप में आगे बढ़ाकर, संरक्षण संवर्धन करना रहा। इस कार्यशाला में विभाग से राम कुमार भदाणी, मंजू जांगिड़, लक्ष्मी और फ़राह मुग़ल ने उस्ता (बीकानेर की सुनहरी कलम ) कला की बारीकियों का प्रशिक्षणार्थियों को ज्ञान कराते हुये एमजीएसयू का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया ।
कुलपति विनोद कुमार सिंह ने मंगलवार को ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग के कार्यशाला प्रशिक्षण कार्य कर लौटे विद्यार्थीयों को उनकी उपलब्धि हेतु आशीर्वाद प्रदान किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. राजाराम चोयल ने कहा कि कला के विकास में ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में निरंतरता और उत्साह बनाए रखने में सहायक सिद्ध होती हैं।

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